दिल्ली के 10,792 मार्शलों की नौकरी का मुद्दा संसद तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे को शून्यकाल में उठाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा के अवरोध के कारण इन बस मार्शलों को नौकरी नहीं मिल पा रही है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने बस मार्शलों को बहाल और नियमित करने की योजना तैयार करने का प्रस्ताव एलजी को भेजा है, पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
संजय सिंह ने कहा है कि बस मार्शलों के कारण महिलाओं की सुरक्षा की जा रही थी। बस मार्शलों के हटने से सुरक्षा का मुद्दा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि बस मार्शलों ने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों सेवा की, लेकिन उनके इस योगदान की भी अनदेखी की जा रही है। चुनाव के बीच यह मुद्दा गरमाने से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो सकता है। राज्यसभा के जेनरल सेक्रेटरी को भेजे गए नोटिस में संजय सिंह ने कहा है कि बस मार्शलों की नौकरी जाने से लगभग 11 हजार परिवारों की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
संजय सिंह ने कहा कि आज बस मार्शलों की बर्खास्तगी ने महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर खतरे में डाल दिया है और लगभग 11,000 परिवारों को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। यही कारण है कि वे इस मुद्दे को सदन में उठाना चाहते हैं।