दो हजार रुपये के नोट जारी किए जाने के कदम को कांग्रेस ने अवैध बताया है। तो वहीं, दो हजार के नए नोट में देवनागरी लिपि के प्रयोग की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ में एक जनहित याचिका लगाई गई है, जिसमें दावा किया गया है कि यह लिपि अनुच्छेद 343 (1) के विपरीत है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को वित्तिय अराजकता की स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने पीएम पर 2000 रपये के नोट जारी करते समय कानून का पालन नहीं करने काआरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2000 रपए के नोटों को लाना एक अवैध कृत्य है क्योंकि नए नोट छापने के लिए आरबीआई अधिनियम के तहत जो अधिसूचना जारी करना आवश्यक होता है, वह जारी नहीं की गई और कानून के तहत अनिवार्य बात को नजरअंदाज किया गया।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री और इस कदम को सही बताते के उनके तर्कों का समर्थन कर रहे लोग संविधान और कानून के मामले में अनपढ़ हैं।