आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी के शासन वाली नगर निगम ने निगम की बेहद कीमती जमीन को अपनी ही महिला पार्षद के पति को बेहद सस्ती दरों पर बेच दी है। आरोप लगाया जा रहा है कि बाजार से बेहद सस्ती दरों पर बेची गई इस जमीन की बिक्री के लिए तमाम नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया गया। महिला पार्षद के द्वारा जिस स्वयं सेवी संगठन को उक्त जमीन बेचने का नाम प्रस्तावित किया गया, वह स्वयं उनके ही पति की बताई जाती है। आप ने इन आरोपों पर कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया है।
आप के निगम प्रभारी दुर्गेश पाठक ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह आरोप लगाया कि भाजपा नगर निगमों में भारी भ्रष्टाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह मालूम है कि वह दिल्ली की तरह हमेशा-हमेशा के लिए सत्ता से बेदखल होने जा रही है, यही कारण है कि आनन-फानन में निगम की जमीनों को हड़पने का काम किया जा रहा है। उन्होंने इसमें भाजपा के नेताओं के साथ-साथ निगम के कुछ अधिकारियों की भूमिका होने की आशंका भी जाहिर की।
एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि जमीनों को 99 साल या उससे भी अधिक समय के लीज पर दिया जा रहा है। इस दौरान वह जमीन उस एनजीओ की निगरानी में रहेगी। इस तरह इन ज़मीनों को हमेशा के लिए एनजीओ के माध्यम से बीजेपी के नेताओं के कब्जे में कर लिया जाएगा।
कुछ दस्तावेज पेश करते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि नॉर्थ एमसीडी ने अशोक विहार के केशवपुरम जोन में ढलाव की एक जमीन को एक एनजीओ को दे दी। उस एनजीओ का नाम ‘पंचवटी सोशल वेलफेयर सोसाइटी’ है। इस वॉर्ड की जो पार्षद मंजू खंडेलवाल हैं। उनके पति का नाम राजेंद्र कुमार है जो उक्त एनजीओ के प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा नैतिक रूप से पूरी तरह खत्म हो चुकी है। दिल्ली वाले आने वाले चुनाव में इसका बदला लेंगे। जो आप दिल्ली वालों की ज़मीने बेच रहे हैं, दिल्ली वालों की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है, इन सभी चीजों का दिल्ली वाले आने वाले चुनाव में बदला लेंगे।