भारत स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना के डिप्टी सीईओ दिनेश अरोड़ा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी के डिप्टी सीईओ दिनेश अरोड़ा ने बताया कि 23 सितंबर को लॉन्चिंग के बाद से अभी तक तकरीबन 47 हजार लाभार्थी इसका लाभ उठा चुके हैं। इस योजना में कम से कम 92,000 लोगों को अब तक गोल्ड कार्ड दिया जा चुका है। इस योजना का उद्देश्य देश के 10.74 करोड़ अत्यंत गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का हेल्थ बेनेफिट देना है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कैशलेस होने के साथ पेपरलेस भी है। योजना में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों के साथ शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को भी शामिल किया गया है। इस योजना में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 8.03 करोड़ परिवार और शहरी क्षेत्र के 2.33 करोड़ परिवारों का चयन किया गया है। वहीं तेलंगाना, उड़ीसा, दिल्ली और केरल ने अभी तक इस योजना को लागू नहीं किया है।
ऐसे ले सकते हैं सुविधा का लाभ
अगर आप योजना में शामिल हैं और इसका लाभ लेना चाहते हैं यह बहुत आसान है। आपको योजना में शामिल अस्पताल के आयुष्मान मित्र या आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क से संपर्क करना होगा। वहां आपको पहचान पत्र जैसे दस्तावेज दिखाने होंगे। इसके लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड की जरूरत पड़ेगी। ध्यान रहे आधार कार्ड की कोई अनिवार्यता नहीं है, इलाज के लिए आपको एक पैसे भी नहीं देना होगा।
इन बीमारियों का करा सकते हैं इलाज
आयुष्मान योजना में शामिल करीब दस हजार अस्पतालों में 13 सौ से ज्यादा बीमारियों और इससे संबंधित पैकेज को इलाज में शामिल किया गया है। जिसमें कैंसर की सर्जरी, हार्ट की बाइपास सर्जरी, आंख-दांत का ऑपरेशन, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी तमाम चीजें शामिल हैं। सरकार लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। आप 14555 पर फोन कर योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी, सलाह या सुझाव ले सकते हैं।