अमेरिका के कनेक्टिकट में बीते बुधवार को कोरोना वायरस से एक युवा पिता की मौत हो गई। मरने से पहले वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के लिए एक दिल पिघलाने वाले पत्र में लिखकर कर गए कि उनकी पत्नी और बच्चों ने उन्हें जिंदगी में सबसे बेहतर पल दिए।
22 अप्रैल को जोन कोएलो (32) की मौत कनेक्टिकट के डेनबुरी के एक अस्पताल में हुई। यह कोरोना योद्धा पिछले 20 दिनों से वेंटिलेटर पर थे और खतरनाक कोरोना वायरस से लड़ रहे थे। उनकी पत्नी केटी (33) आखिरी पलों में उनके साथ रहना चाहती थी लेकिन उन्होंने काफी देर कर दी।
केटी अपने पति की संपत्ति इकट्ठा कर ही रही थी। केटी, जोन के मोबाइल को आशा से भरी नजरों से देखती रही। केटी को लगा कि जोन के फोन में उन्हें बच्चों की और अच्छी फोटो मिल जाएंगी लेकिन उनके हाथ जोन का लिखा खत लगा।
केटी और जोन की दो संतान है, ब्रेडीन और पेनलोप। ब्रेडीन की उम्र दो साल है और उसे मस्तिष्क पक्षाघात (सैरिब्रल पैल्सि) है वहीं पेनलोप अभी दस महीने का है। जोन ने अपने खत के आखिरी में लिखा कि उन्हें केटी के पति और ब्रेडीन और पेनलोप के पिता होने पर बहुत गर्व है।
केटी ने फेसबुक पर जोन के खत के कुछ हिस्से को शेयर किया। जोन ने अपने खत में लिखा कि वह अपने परिवार से बेहद प्यार करते हैं और उनकी तरफ से दी गई जिंदगी के लिए शुक्रगुजार हैं। खत में जोन ने केटी को केयरिंग बताया।
खत में जोन ने लिखा कि केटी का दिल सच्चा है और वह हमेशा केटी को खुश देखना चाहेंगे। जोन ने लिखा कि केटी बहुत अच्छी मां भी बनेंगी, उन्होंने लिखा कि ब्रेडीन को जरूर बताना कि उनके पिता बहुत गर्व महसूस करते थे और ब्रेडीन उनका सबसे अच्छा दोस्त रहेगा।
अपनी बेटी पेनलोप के लिए जोन ने लिखा कि वह किसी राजकुमारी से कम नहीं है और पेनलोप को जिंदगी में जो कुछ चाहिए वो उसके पास है। जोन ने खत के अंत में लिखा कि जिंदगी में जिस भी काम से खुशी मिले वो जरूर करना और करती रहना।
लगभग एक महीना अस्पताल में भर्ती रहने के बाद जोन को बुधवार को अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। 26 मार्च को पहली बार जोन कोएलो की कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
जोन काम के सिलसिले में घर से बाहर जाते थे, लेकिन केटी को ब्रेडीन की देखभाल करने के लिए घर में रहना होता था। हालांकि जोन बाहर काम पर जाने और वापस घर आने के बीच काफी एहतियात बरतते थे।
केटी ने बताया कि जोन को हमेशा यह डर लगा रहता था कि अगर जोन को कुछ हो गया तो केटी और उनके बच्चों की देखभाल कौन करेगा। कोरोना बीमारी का पता लगने के बाद जोन को यह डर सताने लगा कि अगर बेटे ब्रेडीन को कोरोना हो गया तो उसके साथ क्या होगा?
शुरुआत में जोन में हल्के हल्के लक्षण दिखे जैसे कि सूंघने की क्षमता कम होना या फिर माइग्रेन की शिकायत लेकिन वक्त रहते यह लक्षण गंभीर खांसी में बदल गए। अगले 24 घंटे में ही जोन को तेज खांसी होने लगी और सांस लेने में दिक्कत हुई।
डॉक्टर ने केटी को सलाह दी कि जोन को जल्द से जल्द अस्पताल लेकर जाए, जोन को इलाज के लिए नेबूलाइजर की जरुरत पड़ सकती है। शुरू के एक हफ्ते जोन को अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन जोन की हालत गंभीर होती चली गई जिसके बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया।
31 मार्च को एक सीटी स्कैन रिपोर्ट में आया कि जोन के फेफड़ों में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है और उनकी हालत गंभीर होती जा रही है। जल्द ही जोन की खांसी में खून भी आने लगा। 22 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से तीन हफ्ते पहले जोन को वेंटिलेटर पर रखा गया।
केटी में भी कोरोना के लक्षण दिखने लगे लेकिन केटी अस्पताल पहुंचने में देरी कर गईं। वहीं वायरस की वजह केटी की बेटी को हल्का बुखार देखने को मिला जबकि ब्रेडीन में कोई लक्षण नहीं दिखे।
केटी ने जानकारी दी कि जोन पिछले एक महीने से कोरोना वायरस से लड़ रहे थे लेकिन जोन अपनी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित रखना चाहते थे ताकि वो लोग कोरोना का शिकार ना हो। केटी के मुताबिक जोन को खोना आसान नहीं है, उनकी बहुत याद आने वाली है।
केटी ने कहा कि जोन के चेहरे पर हमेशा एक हंसी रहती थी और वह हर किसी के साथ अच्छे से पेश आते थे। केटी ने बताया कि यह सरासर गलत है कि जोन के साथ बिताने वाला समय बहुत कम रहा, वह पूरी जिंदगी जोन के साथ रहना चाहती थीं।