अयोध्या फैसले से पहले ही चौकस सुरक्षा व्यवस्था के चलते देश भर में शांति रही। गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार सुबह ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत दोभाल, खुफिया विभाग के प्रमुखों और मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
फैसला आने केबाद गृहमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक एक कर फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। खबर लिखे जाने तक किसी भी राज्य से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। रविवार को ईद-उल-मिलाद होने की वजह से पूरी सुरक्षा तंत्र को हाई एलर्ट पर रखा गया है।
खास बात यह रही कि राज्यों की पुलिस अलग सेल का गठन कर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पैनी नजर रख रही थी। ऐसा करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर उसकी जानकारी फेसबुक और ट्वीटर पर डाली जा रही थी।
मंत्रालय का मानना है कि इस काम ने काफी असर दिखाया और किसी तरह की अफवाह फैसले से पहले ही काबू में कर लिया गया। मेरठ के सिविल लाईंस के एक निवासी को फेसबुक पर भड़काऊ पोस्ट करने के दस मीनट के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसी तरह नोएडा पुलिस ने अफवाह भरे बयान पोस्ट करने के बिनाह पर कई लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया और इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर डाल दी।
सूत्रों के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे कुछ राज्यों पर खास निगाह रखी जा रही है। यहां खुफिया तंत्र को केद्र की तरफ से भी मदद दी जा रही है। इसी तरह देश भर केसंवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां खास ध्यान रखा गया है। गृहमंत्री ऐसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लगातार संपर्क में हैं।