भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और आसनसोल नगरपालिका के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने रविवार को अपने भविष्य के कदम को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनावी सफलता हासिल करने के लिए भगवा दल को लोगों का दिल जीतना होगा।
तिवारी पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता थे, लेकिन साल 2021 में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदल लिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उन्हें पांडबेश्वर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह जीत दर्ज नहीं कर पाए थे।
आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में हार पर की थी ये टिप्पणी
वहीं, आसनसोल लोकसभा सीट पर हुए उप चुनाव में पार्टी की हार के बाद तिवारी ने कहा था कि लोगों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला था, हो सकता है चुनाव परिणाम इसी का असर हो। रविवार को उन्हें एक ट्वीट के जरिए फिर वही रुख दिखाया है।
उन्होंने ट्वीट में कहा, 'बंगाल में जीत हासिल करना चाहते हैं? आइए बंगाल के लोगों के दिल जीतें।' इसके बाद उनके आगे के राजनीतिक करियर को लेकर अगले कदम पर अटकलें लगने की शुरुआत हो गई है। ये अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह फिर से पार्टी बदल सकते हैं।
तिवारी ने खारिज कीं अटकलें, बोले- कुछ विवादित नहीं कहा
हालांकि, खुद तिवारी ने अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मेरे कहने का मतलब था कि अगर हम बंगाल की सत्ता में आना चाहते हैं तो इसके लिए हमें लोगों के दिल जीतने होंगे, उनके पास जाना होगा। उन्होंने सवाल किया, 'क्या मैंने जो भी कहा उसमें कुछ विवादित है?'
उधर, आसनसोल दक्षिण से भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जितेंद्र तिवारी ने कुछ भी विवादित नहीं कहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में भाजपा के किसी नेता को टैग नहीं किया है बल्कि, ममता बनर्जी की अलोकतांत्रिक और तानाशाही सरकार को हटाने की बात कही है।
2021 के चुनाव से पहले भी बना दिय था अटकलों का माहौल
बता दें कि 2021 में विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले तक जितेंद्र तिवारी ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर टीएमसी और भाजपा के खेमों में केवल अनुमानों की ही स्थिति बनी रहने दी थी। इसके बाद आखिरकार वह टीएमसी का साथ छोड़ते हुए भाजपा से जुड़ गए थे।