ठाणे की एक अदालत ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के ठाणे पुलिस के सामने पेश होने के बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया। कोर्ट ने इसे रद्द करते हुए ठाणे पुलिस को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। उनसे 15,000 रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा गया है। पिछले महीने ठाणे सत्र न्यायालय ने इस मामले में परमबीर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
ठाणे पुलिस के समक्ष हुए पेश
परमबीर सिंह शुक्रवार को ठाणे में पुलिस अधिकारियों के सामने पेश हुए। उन्हें यहां दर्ज वसूली के एक मामले में समन भेजा गया था। इसी मामले में पूछताछ को लेकर सिंह शुक्रवार सुबह 10.30 बजे अपने वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान जोनल पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अविनाश अंबुरे खुद थाने में मौजूद रहे।
शुक्रवार को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के सामने हुए थे पेश
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह गुरुवार को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए थे। इस दौरान उनसे सात घंटे तक पूछताछ हुई। क्राइम ब्रांच उनके खिलाफ जबरन वसूली के मामले की जांच कर रही है। उनके वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वह जांच में सहयोग करना जारी रखेंगे।
मुंबई पुलिस ने कहा कि परमबीर सिंह ने अपराध शाखा इकाई 11 कार्यालय कांदिवली में बिमल अग्रवाल द्वारा दर्ज रंगदारी मामले में अपना बयान दर्ज कराया था। उनसे इस मामले में ही सवाल पूछे गए थे। उन्हें अभी दोबारा नहीं बुलाया गया है, लेकिन कहा गया है कि जब भी जरूरत होगी उन्हें बुलाया जाएगा।
सचिन वाजे ने दिया बड़ा बयान
दूसरी ओर मामले में आरोपी सचिन वाजे ने बड़ा बयान दिया है। वाजे ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही चांदीवाल समिति को बताया कि वह दिसंबर से मार्च 2021 के बीच कई बार अनिल देशमुख से मिला। बैठकें देशमुख के आवास, कार्यालय और सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुईं। सभी बैठकें अधिकारी थीं।