सातवीं कक्षा के बच्चे ने बनाया रोबोट
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इस समय कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है, कहीं सरकार और कहीं व्यक्तिगत स्तर पर हर कोई अपनी तरफ से कोरोना की लड़ाई में योगदान दे रहा है। महाराष्ट्र के औरांगाबाद में सातवीं कक्षा के छात्र ने रोबोट बनाया है, जो मरीजों के संपर्क में आए बिना दवाइयों और खाने की डिलिवरी करेगा।
सातवीं कक्षा के छात्र साई सुरेश रंगदाल ने एक ऐसा रोबोट बनाया है जो मरीजों के संपर्क में आए इन्हें दवाइयां और खाने की डिलीवरी करेगा। साई सुरेश ने बताया कि इस रोबोट का संचालन बैटरी से होगा, जिसे किसी भी स्मार्टफोन से नियंत्रित किया जा सकता है।
महाराष्ट्र के औरांगाबाद में रहने वाले साई सुरेश ने रोबोट के बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि यह एक किलोग्राम तक भार ले जा सकता है। साई सुरेश ने कोरोना के मौजूदा हाल और बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रोबोट का विकास किया है।
साई सुरेश का कहना है कि रोबोट बनाने का मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के संख्याबल को कम करना है ताकि उन लोगों में कोरोना फैलने का डर कम हो और संक्रमित मरीजों की संख्या पर भी रोक लग सके।
देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले डेढ़ लाख के पार पहुंच गए हैं और 4,700 से ज्यादा लोगों की सिर्फ कोविड-19 से मौत हो चुकी है। भारत दुनिया में कोरोना संक्रमित देशों की सूची में नौवें स्थान पर है।