महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक सब्जीवाले के ठेले पर लगा बोर्ड सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। सब्जीवाले ने अपने ठेले पर लगाए बोर्ड पर लिखा है कि संभव हो तो सब्जी खरीदें, नहीं तो मुफ्त में ले जाएं। ये शब्द ठेले के पास से गुजरने वाले हर आदमी को बोर्ड देखने पर मजबूर कर रहे हैं।
सब्जी बेचने इस युवक राहुल लाबड़े ने ग्रेजुएशन किया है और लॉकडाउन से पहले एक निजी कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन के बाद जब कंपनी ने वेतन देना बंद कर दिया तो राहुल ने अपने माता पिता के साथ सब्जी बेचने का फैसला किया।
शुरुआत में राहुल लाबड़े ने बाजार में मौजूद बाकी सब्जी विक्रेताओं की तरह बाजार की कीमत पर सब्जियों को बेचना शुरू किया, लेकिन धीरे-धीरे राहुल ने अपना फैसला बदलकर जरूरतमंद और गरीब लोगों को मुफ्त में सब्जी देने का फैसला किया। लॉकडाउन और आर्थिक स्थिति के इस दौर में लोग राहुल लाबड़े की पहल की प्रशंसा कर रहे हैं।
राहुल ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके पास आई थी और उसने पांच रुपये की सब्जी देने को कहा। इस पर राहुल ने सोचा कि पांच रुपये की सब्जी में क्या होगा, इसलिए उस बुजुर्ग महिला को जितनी सब्जी की जरूरत थी वो उसे मुफ्त में दे दी।
राहुल ने बताया कि उस बुजुर्ग महिला के बाद उन्होंने फैसला लिया कि जो लोग सब्जी खरीदने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें मुफ्त में सब्जी दूंगा। राहुल का दावा है कि पिछले पांच दिनों में वह करीब 100 लोगों की मदद कर चुके हैं, जिसमें उनके करीब दो हजार रुपये खर्च हुए। राहुल ने कहा कि जब तक उनकी आर्थिक स्थिति उनका साथ देगी, तब तक वो ये काम करेंगे। राहुल ने बताया कि उनकी इच्छा है कि कोई रात को भूखा ना सोए।