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Kerala: दुर्गा मंदिर के जीर्णोंधार के लिए साथ आए हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग, 2015 में शुरू हुआ था काम

Wed, 10 Apr 2024 04:38 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मलप्पुरम

सार

केरल के मलप्पुरम में हिंदू मंदिर और मुस्लिमों के साथ उसके संबंध की एक वास्तविक केरल कहानी देखने को मिली है। खास बात है इसमें धार्मिक एकता की मिसाल देखने को मिली है। मंदिर की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चंद्रन पी ने कहा कि मंदिर का नवीनीकरण 2015 में शुरू हुआ। हमने धार्मिक औ सांप्रदायिक विभाजन से परे लोगों से योगदान की अपील की है।
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मलप्पुरम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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जहां एक तरफ 'द केरल स्टोरी' फिल्म के प्रसारण को लेकर बीते दिनों केरल सरकार और केंद्र के बीच जुबानी जंग देखने को मिली थी। इस बीच, केरल के मलप्पुरम में हिंदू मंदिर और मुस्लिमों के साथ उसके संबंध की एक वास्तविक केरल कहानी देखने को मिली है। खास बात है इसमें धार्मिक एकता की मिसाल देखने को मिली है। जानें पूरा मामला...
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हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग मंदिर निर्माण के लिए आए साथ
दरअसल, केरल के मलप्पुरम स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर, जो वर्षों से अपनी नई मूर्ति की प्रतिष्ठान का इंतजार कर रहा, को मुस्लिम समुदाय के लोगों का साथ मिला है। केरल में मौजूद इस मंदिर को नवीकरण के लिए मुस्लिम समुदाय ने योगदान दिया है। यह मुस्लिम बहुल मलप्पुरम जिले के एक साधारण गांव की सांप्रदायिक सद्भाव की वास्तविक केरल कहानी है। 

श्री दुर्गा भगवती मंदिर में स्थापित होगी नई मूर्ति
केरल के कोंडोट्टी में मुथुवल्लुर में 400 साल पुरानी श्री दुर्गा भगवती मंदिर के नवीनीकरण के लिए हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हाथ मिलाया। जो सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि नवीकरण के लिए अबतक खर्च की गई धनराशि का लगभग आधा हिस्सा मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा दिया गया था। नवीकरण का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। देवी दुर्गा की 173 सेमी ऊंची मूर्ति की प्रतिष्ठा सात मई से शुरू होने वाले तीन दिवसीय समारोह में की जाएगी। 
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मंदिर का नवीनीकरण कार्य 2015 से शुरू हुआ था- चंद्रन पी
मंदिर की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चंद्रन पी ने कहा कि मंदिर का नवीनीकरण 2015 में शुरू हुआ। हमने धार्मिक औ सांप्रदायिक विभाजन से परे लोगों से योगदान की अपील की है। कई लोगों ने बहुत योगदान दिया है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि इन योगदान में एक बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय के लोगों का है। चंद्रन ने खुशी जाहिर करते हुए याद किया कि कैसे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) सुप्रीमो सादिक अली शिहाब थंगल और पी के कुन्हालीकुट्टी जैसे वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने योगदान के उनके अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और मंदिर के नवीनीकरण के लिए पूरा समर्थन दिया।

थंगल ने धन जुटाने के लिए पिछले साल वहां आयोजित एक समारोह के दौरान मंदिर का दौरा भी किया था। इस साल मार्च में मंदिर में आयोजित एक समारोह के दौरान मंदिर के थेक्किनियेदथ थरानानेल्लूर पद्मनाभन उन्नी नंबूथिरीपाद ने कुन्हालीकुट्टी को एक प्रेम संदेश 'पत्रिका' सौंपी थी। चंद्रन ने कहा कि चूंकि आईयूएमएल विधायक कुन्हालीकुट्टी कुछ अन्य कार्यक्रमों के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके, इसलिए मंदिर समिति के सदस्यों ने बाद में उनके आवास पर उन्हें पत्रिका सौंपी।
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