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यूके से दक्षिण कोरिया लौटे शख्स को एयरपोर्ट से निकलने में लगे 24 घंटे, इस कारण वहां काबू में है कोरोना

Tue, 05 Jan 2021 01:13 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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prayagraj news : Corona News prayagraj - फोटो : prayagraj
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यूनाइटेड किंगडम से प्रसार होने वाले कोरोना के नए स्ट्रेन के मामले अब देश में बढ़ रहे हैं। यहां कोरोना के नए स्ट्रेन के 20 और मामले सामने आए हैं, जिसके बाद देश में इन मामलों की संख्या 58 हो गई है। नया स्ट्रेन इतना खतरनाक है कि इंग्लैंड ने फरवरी मध्य तक एक बार लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया है।

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हालांकि कोरोना से लड़ाई में दक्षिण कोरिया कई देशों के लिए मॉडल बनकर उभरा था। साढ़े पांच करोड़ की आबादी वाले इस देश में दस लाख की आबादी पर 1,253 केस सामने आए। 31 दिसंबर को दक्षिण कोरिया के फ्रीलांस पत्रकार राफेल राशिद यूके से सियोल लौटे तो उन्हें एयरपोर्ट बाहर निकलने में 24 घंटे का समय लगा। 

सोशल मीडिया पर उन्होंने इस बात की पूरी जानकारी दी। वहीं इसके विपरीत यूके में हीथ्रो एयरपोर्ट पर उन्हें बिना मास्क पहने लोग दिखे, जो वहां से पांच मिनट पर बाहर निकल गए। आइए फ्रीलांस पत्रकार राशिद की एयरपोर्ट पर सफर पर पूरी रिपोर्ट को समझते हैं, जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया कि उन्हें 24 घंटे का समय क्यों लगा...
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पत्रकार राफेल राशिद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एयरपोर्ट पर क्वारंटीन पेपर भरवाया गया और एयरपोर्ट पर शाम चापर बजे तापमान लिया गया। उन्होंने आगे लिखा कि मुझे अपना केएफ-94 मास्क फेंकना को कहा गया और इसके बाद बहुत ज्यादा कसा ट्विन स्ट्रिप तीन लेयर केएफ-95 मास्क पहनने को दिया गया।

पत्रकार राशिद आगे लिखते हैं कि कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी उन्हें कोविड-19 की रिपोर्ट करवाने के लिए कहा गया। इसके बाद वेटिंग एरिया में और बहुत सारे पेपर्स भरवाए। इसके अलावा इमीग्रेशन में क्वारंटीन एप डाउनलोड करवाया। इसमें एयरपोर्ट नंबर और फोन नंबर भरे। 

पत्रकार राशिद आगे लिखते हैं कि एक अफसर ने कॉल करके मेरी पुष्टि की, अगर गलत नंबर दिया जाता है तो डिपोर्ट जैसी कार्रवाई संभव है। इसके बाद दो दिन पहले यूके में करवाई गई निगेटिव पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट को चेक किया और बस में लगेज लेने के लिए ले गए। इस दौरान सभी अधिकारियों ने पीपीई किट पहनी हुई थी।

पत्रकार राशिद ने लिखा कि इसके बाद नेशनल क्वारंटीन फेसिलिटी स्टेशन ले जाया गया और अलग बूथ में बैठाया गया। इसके बाद टेस्ट नतीजे आने तक इंतजार करने को कहा गया, जिसमें कम से कम छह घंटे लगे। इसके कुछ घंटे बाद हम लोगों को डिनर दिया गया। 

अब रात के 12 बज चुके थे। टेस्ट के नौ घंटे बाद यानि कि रात दो बजे मोबइल फोन पर मैसेज मिला कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि इसके बाद भी फिर कहा गया कि मुझे स्वैब सैंपल फिर देना है क्योंकि मैं यूके ये वापस आया हूं।

पत्रकार राशिद ने आगे लिखा कि मुझे सुबह चार बजे निगेटिव प्रेशर रूम में ले गए, यहां अंदर की सारी हवा खींचकर ताजी हवा भरी जाती है। इसके बाद अधिकारी ने फिर तापमान जांचा और दस घंटे और इंतजार करने का कहा। इसके बाद नाश्ता और दोपहर का खाना वहीं दिया गया। इसके बाद मुझे मेरी निगेटिव रिपोर्ट मिली और मुझे एयरपोर्ट ले जाया गया।

एयरपोर्ट पर क्वारंटीन टैक्सी तैयार थी। ड्राइवर-पैसेंजर के बीच प्लास्टिक शीट लगी थी और इसका किराया 5,384 रुपये लगा। शाम चार बजे वो एयरपोर्ट से निकलकर अपने घर पहुंचे और इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र को अपने आने की जानकारी दी। अभी 14 दिन तक घर पर ही रहना है और रोज एप में डाटा अपडेट करना है।

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