गुरुवार को स्पाइसजेट एयरलाइन के एक और विमान में तकनीकी खराबी का मामला सामने आया। एयरलाइन ने कहा कि मुंबई से गुजरात के कांडला जा रहे स्पाइसजेट के एक विमान को अलर्ट के बीच मुंबई हवाईअड्डे के रनवे पर टेकऑफ नहीं किया। पिछले 40 दिनों में स्पाइसजेट के विमान में तकनीकी खराबी की यह कम से कम नौवीं घटना है। विमानन नियामक डीजीसीए ने बुधवार को स्पाइसजेट को सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए आठ सप्ताह के लिए इसकी 50 प्रतिशत से अधिक उड़ानों पर रोक लगा दी है।
डीजीसीए करेगा स्पाइसजेट की अधिक निगरानी
इन आठ हफ्तों के दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा एयरलाइन की अधिक निगरानी की जाएगी। हालांकि, एयरलाइन ने कहा कि नियामक के आदेश के कारण कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है क्योंकि मौजूदा कम यात्रा सीजन के कारण वह पहले से ही सीमित सेवाओं का संचालन कर रही है।
गुरुवार की घटना पर स्पाइसजेट ने कहा, मुंबई से कांडला के लिए संचालित होने वाले स्पाइसजेट Q400 विमान ने एक चेतावनी के कारण टेक ऑफ नहीं किया। चालक दल ने एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुसार काम किया। विमान वापस लौट आया और सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित रूप से उतर गए। इससे पहले 5 जुलाई को एक स्पाइसजेट मालवाहक विमान, जो चीन में चोंगकिंग की ओर जा रहा था, कोलकाता लौट आया क्योंकि पायलटों को उड़ान के बाद एहसास हुआ कि उसका मौसम रडार काम नहीं कर रहा था।
उसी दिन एयरलाइन की दिल्ली-दुबई उड़ान को खराब ईंधन संकेतक के कारण कराची की ओर मोड़ दिया गया था। इसकी कांडला-मुंबई उड़ान के दौरान विंडशील्ड में दरारें आने के कारण मुंबई में लैंडिंग की गई थी। 2 जुलाई को जबलपुर जाने वाली स्पाइसजेट की एक फ्लाइट क्रू मेंबर्स द्वारा केबिन में लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई पर धुआं देखने के बाद दिल्ली लौट आई।