ओडिशा ट्रेन हादसे के मृतकों पर कई लोग एक साथ दावा कर रहे हैं, इसलिए प्रशासन ने डीएनए जांच के लिए सैंपल्स दिल्ली एम्स भेजे हैं। भुवनेश्वर नगर निगम ने बताया कि 30 मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल्स लिए हैं, जिसे जांच के लिए एम्स दिल्ली भेज दिया है।
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झारखंड के युवक ने लगाए आरोप
झारखंड के एक युवक ने एम्स प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सोमवार को हमने उपेंद्र कुमार शर्मा के लाश की पहचान की थी। इसके बावजूद उन्होंने मंगलवार को शव किसी और को सौंप दिया। जब शव दूसरों को ही देना है तो डीएनए सौंपलिंग की आवश्यकता क्या है। मैंने टैटू के आधार पर उपेंद्र की पहचान की थी। इन आरोपों का जवाब देते हुए AIIMS भुवनेश्वर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवास त्रिपाठी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही शवों को सौंपा जा रहा है। हां, यह सच है कि एक शव पर कई परिवार दावे कर रहे हैं, इसलिए हम डीएनए सैंपलिंग कर रहे हैं। रिपोर्ट आने में करीब सात से आठ दिनों का समय लग जाएगा।
इन राज्यों के हैं सबसे अधिक मृतक
पश्चिम बंगाल और ओडिशा प्रशासन ने साथ मिलकर एम्स भुवनेश्वर में हेल्पडेस्क की शुरुआत की है। एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर पीड़ित पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा राज्य के रहने वाले थे। सीबीआई, रेलवे सुरक्षा कमिश्नर और जीआरपी ने ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दी है। खुर्दा डीआरएम रिंकेश रॉय को आशंका है कि उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया।
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