असम के गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 80 साल की एक दिव्यांग महिला को निर्वस्त्र कर के सुरक्षा जांच का मामला सामने आया है। सीआईएसएफ ने इस पर सख्त कदम उठाते हुए एक महिला सिपाही को निलंबित कर दिया।
दरअसल, इस महिला के कूल्हे का प्रत्यारोपण हुआ था। जब वह एयरपोर्ट पहुंची तो मेटर डिटेक्टर से जांच के दौरान यह उपकरण बंद हो गया। इस पर सिपाही ने कथित तौर पर उसे निर्वस्त्र कराकर जांच की थी। महिला द्वारा मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने पर सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके साथ ही घटना के विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
इस मामले में सिपाही का निलंबन शुक्रवार को केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हस्तक्षेप के बाद हुआ। सिंधिया ने गुरुवार को कहा कि महिला की बेटी डॉली किकॉन द्वारा ट्विटर पर इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद वह इस पर विचार कर रहे हैं। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला सिपाही मीरा दास को यात्री के साथ उसके व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। कांस्टेबल ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार काम किया है, लेकिन फिर भी वह 80 वर्षीय दिव्यांग महिला यात्री को वह बेहतर तरीके से संभाल सकती थी।
यह घटना गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल (एलजीबीआई) हवाईअड्डे पर तब हुई जब व्हीलचेयर से वहां पहुंची म्हालो किकॉन को हवाईअड्डे पर सीआईएसएफ सुरक्षा जांच के दौरान 'कपड़े उतारने' के लिए मजबूर किया गया। किकॉन की पिछले साल कूल्हे की सर्जरी हुई थी।
डॉली किकॉन के अनुसार, उनकी मां म्हालो किकॉन अपनी पोती के साथ नई दिल्ली जा रही थीं। किकॉन ने आरोप लगाया, सुरक्षाकर्मी उसके (मां के) टाइटेनियम हिप इम्प्लांट का सबूत चाहते थे। इसके बाद उन्हें निर्वस्त्र करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'कृपया कोई मदद करे! मेरी मां व्यथित है।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने आरोप लगाया, 'यह घृणित है! मेरी 80 वर्षीय दिव्यांग मां को अपना अंडरगारमेंट उतारने और निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर किया गया था। क्यों? ' मामले में सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना का सामना करने के बाद गुवाहाटी एयरपोर्ट ने बुजुर्ग महिला को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।