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Report: भ्रष्टाचार से जुड़े CBI जांच के 7072 मामले अदालतों में लंबित, सतर्कता आयोग की रिपोर्ट में खुलासा

Mon, 01 Sep 2025 05:18 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि भ्रष्टाचार के 2,281 मामले दस से बीस साल तक और 379 मामले बीस साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। 31 दिसंबर, 2024 तक 2,660 मामले दस साल से अधिक समय से लंबित हैं।सिर्फ मुकदमे ही नहीं, बल्कि अपील और पुनरीक्षण याचिकाओं की संख्या भी बड़ी है।
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार से जुड़े 7,072 मामले, जिनकी जांच सीबीआई ने की थी, देशभर की अदालतों में लंबित हैं। इनमें से 379 मामले तो 20 साल से भी पुराने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 1,506 मामले तीन साल से कम समय से लंबित हैं, जबकि 791 मामले तीन से पांच साल और 2,115 मामले पांच से दस साल से अदालतों में अटके पड़े हैं।
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इसके अलावा भ्रष्टाचार के 2,281 मामले दस से बीस साल तक और 379 मामले बीस साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। सीवीसी ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि 31 दिसंबर, 2024 तक 2,660 मामले दस साल से अधिक समय से लंबित हैं। सिर्फ मुकदमे ही नहीं, बल्कि अपील और पुनरीक्षण याचिकाओं की संख्या भी बड़ी है। देशभर के हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और आरोपियों की ओर से दाखिल कुल 13,100 अपील लंबित हैं। इनमें से 606 अपील 20 साल से ज्यादा समय से अटकी हैं। 

2024 में 644 मामलों में आया फैसला
सीवीसी की रिपोर्ट में कहा गया कि 2024 में सीबीआई के 644 मामलों में अदालतों ने फैसला सुनाया। इनमें से 392 में दोष सिद्ध हुआ और 154 में आरोपी बरी हुए। साल 2024 में सीबीआई की सजा दर 69.14% रही, जो 2023 में 71.47% थी। सीबीआई ने 2024 में 807 मामले दर्ज किए, जिनमें 674 नियमित मामले और 133 प्राथमिक जांच थीं। वर्ष 2024 के अंत तक विभिन्न अदालतों में गैर-भ्रष्टाचार मामलों सहित 11,384 मामले लंबित थे।
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श्रम बल की कमी से जांच में देरी
सीवीसी ने स्वीकार किया कि जांच पूरी करने में देरी हो रही है। देरी की वजह के तौर पर अत्यधिक काम का दबाव, श्रम बल की कमी, विदेशों से सूचना मिलने में देरी और मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने में देरी को बताया गया। रिपोर्ट ने उम्मीद जताई कि सीबीआई एक साल के भीतर ही जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करे, ताकि भ्रष्टाचार के मामलों में जल्द न्याय मिल सके।
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