मंत्रालय के मुताबिक, देश भर के ऐसे राज्य जहां 20 हजार से कम शिकायतें आई हैं उनमें उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर है। इसके बाद झारखंड और राजस्थान हैं। वहीं, 20,000 से अधिक सार्वजनिक शिकायतें प्राप्त करने वाले राज्यों की श्रेणी में तेलंगाना शीर्ष पर है। इसके बाद छत्तीसगढ़ और केरल का स्थान है।
इस साल जुलाई में देश के विभिन्न राज्यों द्वारा 69,523 शिकायतों का निपटारा किया गया है। रैंकिंग प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने इस संदर्भ में अपनी एक रिपोर्ट भी जारी की है। बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि जुलाई में विभिन्न राज्यों द्वारा 69,523 सार्वजनिक शिकायतों का निवारण किया गया है। इसमें पूर्वोत्तर भारत के सबसे अधिक शिकायतों का निपटारा करने वाले राज्यों में सिक्किम टॉप पर है। वहीं, सिक्किम के बाद असम और फिर अरुणाचल प्रदेश का नंबर है।
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कार्मिक मंत्रालय ने अपने बयान में बताया है कि केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में लक्षद्वीप को पहला स्थान मिला है, उसके बाद अंडमान और निकोबार और लद्दाख हैं।
उत्तर प्रदेश में 20 हजार से कम शिकायतें
मंत्रालय के मुताबिक, देश भर के ऐसे राज्य जहां 20 हजार से कम शिकायतें आई हैं उनमें उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर है। इसके बाद झारखंड और राजस्थान हैं। वहीं, 20,000 से अधिक सार्वजनिक शिकायतें प्राप्त करने वाले राज्यों की श्रेणी में तेलंगाना शीर्ष पर है। इसके बाद छत्तीसगढ़ और केरल का स्थान है। जुलाई, 2023 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कुल 69,523 शिकायतों का निवारण किया गया। इसके बाद अब सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त शिकायतों की लंबित संख्या घटकर 1,79,077 हो गई है। इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि जुलाई, 2023 में, बीएसएनएल कॉल सेंटर ने 1,00,186 नागरिकों से फीडबैक इकट्ठा किया। यह जुलाई, 2022 में अपनी स्थापना के बाद से इकट्ठे किए गए फीडबैक की सबसे अधिक संख्या है।
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क्या है सीपीजीआरएएमएस
दरअसल, रैंकिंग प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने जुलाई, 2023 के लिए राज्यों के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) की अपनी 12वीं मासिक रिपोर्ट में जारी की है। बता दें कि सीपीजीआरएएमएस सार्वजनिक शिकायतों को ऑनलाइन माध्यम से निपटारा करता है। वहीं, रैंकिंग प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग इस माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का आंकड़ा रखता है। इसके लिए डीएआरपीजी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चार श्रेणियों में बांटता है। उत्तर पूर्वी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, शिकायतों की प्राप्ति की संख्या के आधार पर राज्यों के लिए दो अन्य श्रेणियों को विभाजित किया जाता है।