एटीएम बैंकिंग सिस्टम और अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं। लेकिन एटीएम और नोटों के जरिए कोरोना संक्रमण फैलने की खबरों ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। जनवरी माह में 64 बैंकिंग संस्थाओं के एटीएम कार्ड्स से लोगों ने 66 करोड़ बार से अधिक बार लेनदेन किया था। कोरोना काल में इनका उपयोग घटा है, लेकिन इसके बाद भी लेनदेन के लिए इस समय भी यही सबसे बड़े साधन बने हुए हैं। ऐसे में अगर इनके माध्यम से कोरोना संक्रमण फैलने के खतरे को नहीं रोका गया तो इससे बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2020 में 64 प्रमुख बैंकिंग संस्थाओं के कुल ऑन साइट एटीएम की संख्या एक लाख 12 हजार 944, ऑफ साइट एटीएम की संख्या 97,319 और कुल पीओएस की संख्या 49 लाख 46 हजार 822 थी। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऑन साइट एटीएम 25,594, ऑफ साइट एटीएम 32,910 और पीओएस की संख्या छह लाख 64 हजार 587 थी।
इन बैंकिंग संस्थाओं के माध्यम से (जनवरी माह के अंत तक) कुल 81 करोड़ 67 लाख 26 हजार 429 डेबिट कार्ड और पांच करोड़ 61 लाख 20 हजार 245 क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इन डेबिट कार्ड्स के माध्यम से एटीएम पर 66 करोड़ 77 लाख 11 हजार 316 बार ट्रांजेक्शन किए गए जिनके माध्यम से कुल एक लाख 89 हजार 26 रुपये का लेनदेन किया गया। क्रेडिट कार्ड्स के माध्यम से एटीएम पर आठ लाख 54 हजार 729 आर्थिक ट्रांजेक्शन हुए जिनमें कुल मिलाकर चार हजार करोड़ का लेनदेन किया गया।
एचडीएफसी बैंक के कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन के शीर्ष अधिकारी संजय ओझा ने अमर उजाला को बताया कि बैंक की पांच हजार से अधिक शाखाएं हैं जिनमें ऑन साइट और ऑफ साइट कुल मिलाकर 13 हजार से अधिक एटीएम हैं। इन सब पर रोजाना सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। ग्राहकों को भी संक्रमण मुक्त लेन देन के लिए ऑनलाइन लेनदेन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आईसीआईसीआई बैंक की एक अधिकारी अनाया सिंह ने बताया कि उनकी पांच हजार से अधिक शाखाओं में पांच हजार से ज्यादा ऑन साइट और लगभग 10 हजार ऑफ साइट एटीएम हैं। कंपनी अपने ग्राहकों को इन एटीएम पर संक्रमण से बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। बैंक की शाखाओं में भी कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गई है।
एम्स के डॉक्टर (असिस्टेंट प्रोफेसर) विजय कुमार ने बताया कि इस समय किसी भी सार्वजनिक जगह पर आने-जाने और किसी भी सार्वजनिक सुविधा का उपयोग करने से कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए इनका जब भी इनका इस्तेमाल करें, सुरक्षित ढंग से प्रयोग करें। प्रयोग करने के बाद अपना हाथ अवश्य धुलें और हाथों को सैनिटाइज करें। सबसे बेहतर होगा कि जितना संभव हो, ऑनलाइन लेनदेन करें जो कोरोना संक्रमण के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित है।