2023 तक देश के हर तहसील तक पहुंच जाएंगी 5जी सेवाएं
5जी इंटरनेट का इंतजार खत्म हुआ। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औपचारिक रूप से देश में 5जी सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही लोग तेज रफ्तार इंटरनेट सेवा का आनंद उठा सकेंगे। हालांकि, आम लोगों तक सेवा को पहुंचने में वक्त लगेगा।
सर्विस की शुरुआत आम लोगों के लिए करने को लेकर दो बड़ी कंपनियों रिलायंस जियो और एयरटेल ने पहले ही जानकारी दे रखी है। रिलायंस जियो दिवाली तक दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में हाई-स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुरू करेगी।
कंपनी ने इस साल 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में 88,000 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाकर 5जी तकनीक पर सबसे ज्यादा पैसे खर्च किए हैं। कंपनी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने अगस्त में कहा था कि दिसंबर, 2023 तक देश के हर शहर, हर तालुका और हर तहसील में जियो 5जी पहुंच जाएगा।
वहीं, भारती एयरटेल ने भी 2023 के अंत तक सभी शहरों में 5जी सेवा पहुंचाने का वादा कर रखा है। 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में इस कंपनी ने जियो के बाद सबसे अधिक पैसा खर्च किया है। यह कंपनी गांवों तक 5जी की सेवा मार्च 2024 तक उपलब्ध कराएगी।
इन शहरों में सबसे पहले मिलेंगी सेवाएं
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कुछ दिन पहले कहा था कि देश में 5जी को धीरे-धीरे अलग-अलग फेज में लॉन्च किया जाएगा। पहले फेज के लिए 13 शहरों का चयन हुआ है। इनमें मेट्रो शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि शामिल हैं। इसके बाद दो साल में पूरे देश में 5जी कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जाएगा। पहले फेज में 13 शहर अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे में 5जी कनेक्टिविटी की शुरुआत की जाएगी।
सिर्फ इन्हीं फोन पर चलेगा 5जी
हर मोबाइल फोन कुछ खास बैंड की फ्रीक्वेंसी पर मिलने वाली सर्विस के लिए बना होता है। अगर आपको पता करना है कि आपके फोन में 5जी इंटरनेट चलेगा या नहीं तो देखें कि फोन में n77/n78/n5/n8/n28 बैंड हैं या नहीं।
इंटरनेट की हाई स्पीड पड़ेगी जेब पर भारी
5जी इंटरनेट की स्पीड वर्तमान स्पीड से 10-12 गुना तक तेज होगी। हालांकि, स्पीड और खर्चा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि उपभोक्ता ने स्टैंडअलोन 5जी सेवा ली है या नॉन स्टैंड अलोन। इन दोनों सर्विस में फर्क ये है कि नॉन स्टैंड अलोन सर्विस 4 जी संसाधनों के जरिए ही उपलब्ध कराई जाएगी और ये स्टैंड अलोन 5 जी सर्विस के मुकाबले कुछ धीमी होगी। हालांकि फिर भी ये 4 जी से काफी तेज होगी। इसके बाद आएगी स्टैंड अलोन सर्विस। इसके लिए पूरी तरह से अलग संसाधन लगाए जाएंगे। इस वजह से ये ज्यादा तेज और महंगी होगी। शुरुआत में ये सर्विस सिर्फ जियो उपलब्ध कराएगा।
- स्पेक्ट्रम अलॉट होने के कुछ दिन बाद ही दूरसंचार मंत्री अश्विन वैष्णव ने एक कार्यक्रम में कहा था कि 5जी सेवाओं को आम लोगों की पहुंच में रखा जाएगा। उन्होंने ये भी कहा था कि बीएसएनएल भी 2024 के आखिर तक 5जी सर्विस लाएगा।
- भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने भी कहा था कि ये स्वाभाविक है कि 5जी के आने से लोगों की इंटरनेट की खपत बढ़ेगी। इसके लिए कंपनी को 3 से 5 डॉलर यानी 250-400 रुपए तक टैरिफ बढ़ाने पड़ सकते हैं।