5जी की रफ्तार का ड्रग्स तस्करी, मानव व मानव अंगों की तस्करी, मनी लाॅन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग में दुरुपयोग हो सकता है। शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी की दो दिवसीय बैठक में इस मुद्दे पर चिंता जताई है।
बैठक में पेश की अपनी रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा, 5जी नेटवर्क आसानी से सुलभ और खुले इंटरनेट प्रोटोकॉल पर बनाया गया है। पिछली पीढ़ियों की सभी कमजोरियां इसे विरासत में मिली हैं, जो इसे साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील बनाती हैं और पूरे सिस्टम की सुरक्षा से समझौता करती हैं। अधिकारियों ने संवेदनशील सरकारी संवादों को गोपनीय रखने के लिए एक आरक्षित 5जी बैंडविथ और उच्च सुरक्षा उपकरण विकसित करने का सुझाव दिया।
सेना, सरकारी संवाद और अधिकृत कंपनियों के बीच इसी प्रणाली के जरिये बातचीत होनी चाहिए। इससे साइबर हमले का खतरा भी कम रहेगा। अधिकारियों ने रिपोर्ट में कहा, क्रिप्टो मुद्राओं और विकेन्द्रीकृत बैंकिंग प्रणालियों के साथ वास्तविक समय में 5जी नेटवर्क का उपयोग करके और अधिक लोकप्रियता प्राप्त करने के साथ, लिंकेज और वित्तीय निशान का पता लगाना मुश्किल होगा।