जिला चिकित्सा अधिकारी रामदास ने कहा कि अस्वच्छ, अधपका या दूषित भोजन और खराब पानी शिगेला का स्रोत हो सकता है, जिससे आंतों में संक्रमण होता है जो बहुत संक्रामक है। इसी के कारण लोगों में फूड प्वॉइजनिंग हुई है।
केरल के के कासरगोड जिले के एक रेस्तरां में रविवार को खाने से 58 लोग बीमार हो गए और एक युवती की फूड प्वॉइजनिंग से मौत हो गई थी। कासरगोड के जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए वी रामदास ने मंगलवार को कहा कि सभी लोगों में शिगेला नामक बैक्टीरिया के कारण फूड प्वॉइजनिंग हुई थी।
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जांच के बाद हुई बैक्टीरिया की पुष्टि
वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सभी संक्रमित लोगों में से पांच रोगियों के नमूने जांच के लिए कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेजे गए और उनमें से तीन की रिपोर्ट में शिगेला बैक्टीरिया से संक्रमण की पुष्टि हुई है। बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से मरने वाली लड़की की पहचान देवानंदा (16) के रूप में हुई है।
जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) ने कहा कि अस्वच्छ, अधपका या दूषित भोजन और खराब पानी शिगेला का स्रोत हो सकता है, जिससे आंतों में संक्रमण होता है जो बहुत संक्रामक है।
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अधिकारी चला रहे जागरूकता अभियान
अधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारी आम लोगों और ढाबों के मालिकों के बीच इस संबंध में जागरूकता के लिए काम कर रहे हैं कि बैक्टीरिया कैसे फैलता है, इससे संक्रमित होने से कैसे बचा जाए और इसे नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
जल आपूर्ति की भी जांच की जा रही
जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि विभिन्न भोजनालयों और रेस्तरां का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय जल आपूर्ति की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बैक्टीरिया मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी से फैलता है और इसे नियंत्रित करने के लिए स्वच्छता एक महत्वपूर्ण कारक है। इसके अलावा, उचित खाना पकाने से बैक्टीरिया भी मर जाते हैं इस पर ध्यान दिया जा रहा है।