नोटबंदी से अब भी अस्थायी (कैजुअल) श्रमिक सबसे अधिक प्रभावित हैं। लेबर ब्यूरो के सर्वे के अनुसार, 2017 के शुरुआती तीन महीनों के दौरान आठ चुनिंदा क्षेत्रों में अस्थायी नौकरियों में 53 हजार की गिरावट रही। हालांकि, विनिर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में
नौकरियों में कुल मिला कर सुधार दिखा। देशभर में इस स्तर पर आठ क्षेत्रों में नौकरियों में 1.85 लाख का इजाफा हुआ, जिनमें से 59 हजार महिलाओं और 1.26 लाख पुरुषों को रोजगार मिला है।
श्रम मंत्रालय के अधीन आने वाले लेबर ब्यूरो के सर्वे के मुताबिक, इस दौरान इन क्षेत्रों में स्थायी (रेगुलर) श्रमिकों की संख्या में 1.97 लाख और अनुबंध श्रमिकों की संख्या में 26 हजार की वृद्धि हुई, जबकि अस्थायी श्रमिकों की नौकरियों में 53 हजार की गिरावट आई है। सर्वे में कहा गया है कि आवास एवं रेस्तरां और आईटी/ बीपीओ को छोड़कर अन्य छह क्षेत्रों में अस्थायी श्रमिकों के रोजगार में गिरावट आई है।
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सर्वे से पता चला है कि पिछली तिमाही तुलना में सभी आठ क्षेत्रों में सकारात्मक रुख देखने को मिला था। विनिर्माण क्षेत्र में 1.02 लाख, स्वास्थ्य क्षेत्र में 31 हजार, व्यापार क्षेत्र में 29 हजार, आईटी/बीपीओ में 13 हजार, परिवहन में तीन हजार, आवास एवं रेस्तरां में तीन हजार और निर्माण में दो हजार व शिक्षा में हजार रोजगार उत्पन्न हुए।