अलीगढ़ रेंज में लगभग 5000 लोग आयकर के रडार पर हैं। जांच करने के बाद 2 हजार लोगों के केस खोले जा रहे हैं। इन लोगों के वो केस खोले जाएंगे, जिसमें पूर्व में जमा कराए रिटर्न में खर्च और निवेश की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। जांच शाखा इन सभी की पड़ताल कर रही है। अलीगढ़ आयकर रेंज में पांच जिले में अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कन्नौज शामिल हैं।
आयकर विभाग वर्तमान में 13 सरकारी विभागों के माध्यम से मोटी रकम खर्च करने और बड़ा निवेश करने वालों की सूचनाएं एकत्र करा रहा है। ये सूचनाएं आयकर विभाग की जांच एवं अन्वेषण शाखा को भेजी जा रही हैं। आयकर विभाग ने इन 13 विभागों को खर्च और निवेश का एक निश्चित दायरा बता दिया है। उस दायरे को पार कर खर्च या निवेश करने वाले सभी लोगों को जांच शाखा नोटिस दे रही है।
नोटबंदी के बाद से 500 लोग जांच की जद में
अलीगढ़ (ब्यूरो)। नवंबर 2016 में नोटबंदी होने के बाद बचत खातों में तयशुदा ढाई लाख रुपये और चालू खातों में 12.50 लाख रुपये से अधिक की रकम जमा करने वाले बड़े खातेदारों की कुल संख्या 1245 तक पहुंच गई थी। इसमें पांच खातेदार एक करोड़ रुपये से ऊपर की धनराशि जमा कराने वाले थे।
इन सभी खातेदारों को दिसंबर 2016 से मार्च 2017 के बीच नोटिस देकर जमा की गई रकम का स्रोत पूछा गया था। जिसमें मार्च 2018 तक तकरीबन 700 लोगों ने अपने रिटर्न में जवाब दे दिए हैं। शेष 545 खातेदारों में 400 को आयकर नोटिस दिए गए हैं। इसमें कुछ खातेदारों के बारे में बैंकों से ही सही नाम, पता या मोबाइल नंबर नहीं मिल रहा है।