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मेघालय: पांच बचे हुए विधायकों ने भी छोड़ा कांग्रेस का साथ, भाजपा समर्थित एमडीए में शामिल हुए

Tue, 08 Feb 2022 08:27 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग

सार

पिछले साल नवंबर में कांग्रेस के 12 विधायक पार्टी को अलविदा कहते हुए टीएमसी में शामिल हो गए थो तो मंगलवार को बाकी बचे पांच विधायकों ने भी कांग्रेस से नाता तोड़ लिया।
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मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के साथ कांग्रेस छोड़ने वाले विधायक - फोटो : twitter/SangmaConrad
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विस्तार
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कांग्रेस पार्टी को मेघालय में मंगलवार को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। यहां पार्टी के बचे हुए पांच विधायक भी मंगलवार को भाजपा समर्थित और नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) की अगुवाई वाले मेघालय लोकतांत्रित गठबंधन (एमडीए) में शामिल हो गए। उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले ही कांग्रेस के 12 विधायक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खेमे में चले गए थे।

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मेघालय में सत्ताधारी गठबंधन में भाजपा भी भागीदार है। पिछले साल नवंबर में यहां पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत 12 कांग्रेस विधायक टीएमसी में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस के राज्य में केवल पांच विधायक ही बचे थे और मंगलवार को उन्होंने भी पाला बदल लिया। इससे कांग्रेस की राज्य में एक मजबूत विपक्ष बनने की संभावनाएं भी लगभग समाप्त कर दी हैं।
मंगलवार को कांग्रेस के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा से मुलाकात की और गठबंधन की सरकार से जुड़ने के लए एक औपचारिक पत्र जमा किया। कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले ये विधायक एम अंपरीन लिंगडोह, पीटी साकमी, माइरलबोर्न साइम, किंफा एस मरबानियांग और मोहेंद्रो रापसांग हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पांचों विधायकों का गठबंधन में स्वागत किया।

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मेघालय और यहां की जनता के लिए मिलकर काम करेंगे: सीएम
इन पांचों विधायकों का स्वागत करते मुख्यमंत्री संगमा ने एक ट्वीट में लिखा, हम कांग्रेस विधायक दल के सदस्यों का स्वागत करके खुश हैं जिन्होंने आज आधिकारिक रूप से अपना सहयोग एमडीए सरकार को देने का वादा किया है। हम राज्य और प्रदेश की जनता के हित के उद्देश्य के साथ सरकार को मजबूत करने के लिए एमडीए के बैनर तले साथ मिलकर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री संगमा ने आगे कहा कि विधायकों ने हमारी सरकार का सहयोग करने का फैसला लिया है। मैं उनका स्वागत करता हूं। कांग्रेस विधायकों के शामिल होने से हमारी गठबंधन सरकार के अन्य भागीदारों के साथ हमारे संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वह कांग्रेस पार्टी का भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी मित्र या स्थायी शत्रु नहीं होता है।
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'अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के हितों के लिए छोड़ी कांग्रेस'
कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले विधायक अंपरीन लिंगडोह ने कहा कि हमें धोखा दिया गया और किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए हमने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की जनता के हित के लिए यह फैसला लिया है। अब राज्य में तृणमूल कांग्रेस विपक्षी पार्टी है। 
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