पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मनीपुर में सत्ता हासिल की वहीं पंजाब में कांग्रेस ने सरकार बनाई। इन पांचों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की घोषणाएं अपनी विवादित प्रकृति की वजह से चर्चा में बनी हुई है। वहीं गंभीर मुद्दों पर फैसलों का इंतजार मीडिया और जनता को अभी भी है।
यूपी में योगी के बड़े फैसले
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी तेज-तर्रार योजनाओं की वजह से मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं। योगी देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य के मुखिया बने हैं। लोकसभा के भीतर योगी ने अपने भाषण में घोषणा की कि यूपी में बहुत कुछ बंद होने वाला है। योगी ने बीजेपी के संकल्प पत्र में किए गए दो वादों पर अमल करते हुए उत्तर प्रदेश के अवैध बूचड़खानों को बंद करने और मनचलों के खिलाफ एंटी रोमियो स्क्वैड बनाने में जरा भी देरी नहीं की।
इसके अलावा मानसरोवर यात्रा के लिए 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति का अनुदान, सरकारी ऑफिसों के भीतर पॉलीथिन और तंबाकू बैन, सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम के इंस्टॉलेशन, कर्मचारियों से उनकी संपत्ति के ब्यौरे की जानकारी, टी शर्ट में ऑफिस के भीतर आने पर पाबंदी समेत योगी ने कुल 50 फैसले लिए हैं। हालांकि योगी ने अभी तक एक भी कैबिनेट की मीटिंग नहीं बुलाई है।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी के बड़े वादे कृषि ऋण छूट पर योगी ने अभी कोई स्पष्टता नहीं दिखाई है। केंद्र ने अब राज्य से इसके लिए फंड (लगभग 2700 करोड़) जुटाने के लिए कहा है। यूपी सीएम योगी के इन बड़े फैसले के इंतजार में हैं। जिसमें 15 जून तक राज्य की सड़कों से गडढे खत्म करने, गोरखपुर, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ, झांसी के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने, विद्युत आपूर्ति की स्थिति में सुधार, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के फैसले शामिल हैं।
उत्तराखंड और पंजाब सीएम के फैसले
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के फैसले का विरोध
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कॉर्बेट नेशनल पार्क से होकर गुजरने वाले कोंडी रोड बनाने की घोषणा की। इस घोषणा ने नए विवाद को पैदा कर दिया है, क्योंकि इसका पर्यावरणविदों और ग्रीन कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। ये रोड कुमाउं को गढ़वाल से जोड़ता है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार और उत्तरकाशी में अवैध बूचड़खानों पर भी रोक लगा दी है। रावत ने इस पहाड़ी राज्य में अवैध खनन और स्वच्छता को लेकर अभियान भी शुरू कर दिया है।
अपने ही फैसलों में फंसे अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अभी तक इस बात के लिए अपना मन नहीं बना पाए हैं कि उनके मंत्रियों और सरकारी गाड़ियों पर लालबत्ती होनी चाहिए कि नहीं। उन्होंने पहले इन लाल बत्तियों को हटाने का आदेश जारी किया था। उसके बाद उन्होंने अपने खुद के फैसले पर यू टर्न लेते हुए उसे बदल दिया।
राज्य में उन्होंने ड्रग माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू किया है, जिसमें अभी तक 485 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि आरोपों से घिरे शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे। सिंह ने पुलिस महकमें और नौकरशाही में अपने वफादारों की तैनाती शुरू कर दी है।
मणिपुर के सीएम की ये है बड़ी उपलब्धि
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गो गोवा गॉन
रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देकर 14 मार्च को गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले मनोहर परिकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 10 दिनों के भीतर ही उन्होंने बजट पेश कर दिया जिसमें बीयर और पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई थी। अन्य नए मुख्यमंत्रियों की तरह वो भी पार्टी के वादों को पूरा करने में पीछे नहीं हैं। परिकर 2020 तक गोवा को कूड़ा और भिखारी मुक्त करना चाहते हैं। उनके बजट में लोगों को दिल को छू जाने वाली, बूढ़े लोगों के कल्याण, और बुनियादी ढांचे के निर्माण की घोषणाएं शामिल थीं।
मनीपुर सरकार की ये उपलब्धि
पूर्व फुटबॉलर और नए मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह की बड़ी उपलब्धि कई महीनों से चल रही आर्थिक नाकेबंदी को सिर्फ दो दिन के भीतर ही खत्म करना है। राज्य में बीजेपी की सरकार बनने की वजह से उसे केंद्र की मदद भी मिल रही है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती पड़ोसी राज्य नागालैंड की ग्रेटर नागालीम की मांग से निपटना है। बिरेन सिंह ने राज्य में भ्रष्टाचारमुक्त राज्य की घोषणा की है। बिरेन सिंह ने 2010 के 8 करोड़ के सीसीटीव घोटाले में भी जांच की घोषणा की है।
सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन राज्यों में अच्छी, विकास और भ्रष्टाचारमुक्त शासन का वादा किया है। प्रारंभिक उत्साह के खत्म हो जाने के बाद ये अपने वादों पर कितना खरा उतरते हैं ये आने वाला वक्त तय करेगा, क्योंकि इन राज्यों में गंभीर मुद्दों की संख्या कम हो गई है।