सांसद फ्लैट्स स्थित सरस्वती एवं पम्बा अपार्टमेंट में 15 से 19 दिसंबर तक आयोजित पांच दिवसीय एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर के दौरान करीब 800 से 900 मरीजों का उपचार किया गया, जिन्हें अल्प समय में उल्लेखनीय लाभ मिलने की जानकारी दी गई। कैंप का आयोजन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अनुमति से किया गया था।
यह लोकसभा परिसर में आयोजित एक्यूप्रेशर शोध प्रशिक्षण एवं उपचार संस्थान का तीसरा शिविर था। इससे पहले आयोजित दोनों शिविर भी सफल रहे थे। कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय वरिष्ठ वाइस प्रेसिडेंट एवं कोऑर्डिनेटर एस.के. गोयल ने बताया कि एक्यूप्रेशर भारत की अत्यंत प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसका उल्लेख वेदों और पुराणों में भी मिलता है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही मनुष्य अनजाने में विभिन्न रूपों में इस विधा का प्रयोग करता आया है। महिलाओं द्वारा बिछिया पहनना, माथे पर बिंदी लगाना, कान में बालियां पहनना, पुरुषों द्वारा नमस्कार करना, हथेली की मालिश करना तथा बुजुर्गों द्वारा पैर दबवाना, ये सभी एक्यूप्रेशर के ही व्यावहारिक उदाहरण हैं।
विशेषज्ञों ने दी सेवा
इस शिविर के आयोजन में राष्ट्रीय वरिष्ठ वाइस प्रेसिडेंट एवं कोऑर्डिनेटर एस.के. गोयल, कोऑर्डिनेटर एन.के. गुप्ता और संस्थान के 10 थेरेपिस्ट्स ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इन विशेषज्ञों ने रोगियों को विभिन्न एक्यूप्रेशर तकनीकों से लाभान्वित किया।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे कैंप
लोकसभा जॉइंट सेक्रेटरी धीरज कुमार ने एक्यूप्रेशर के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक्यूप्रेशर शोध प्रशिक्षण एवं उपचार संस्थान भविष्य में भी प्रत्येक सत्र में इस तरह के चिकित्सा शिविरों का आयोजन जारी रखेगा। संस्थान के अध्यक्ष जे.पी. अग्रवाल के नेतृत्व में एक्यूप्रेशर रिसर्च विंग नए-नए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स की खोज कर इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।