महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को लेकर सीबीआई ने विशेष कोर्ट में बड़ा दावा किया। जांच एजेंसी ने कहा कि देशमुख 400 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में जानबूझकर पूछताछ से बच रहे हैं। इसीलिए वह स्वास्थ्य का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गए हैं।
सोमवार को मुंबई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने उक्त दावा किया। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे व देशमुख के निकट सहयोगी कुंदन शिंदे व संजीव पलांडे को हिरासत में लिया है। इन्हें देशमुख के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार व अवैध वसूली के मामले में आगे जांच की जा सके। ये तीनों आरोपी देशमुख से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में थे। इन तीनों को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया था और अपनी हिरासत में रखने की इजाजत ली थी। सीबीआई को देशमुख को भी हिरासत में लेने की कोर्ट ने इजाजत दे दी थी, लेकिन चूंकि वह अस्पताल में भर्ती थे, इसलिए वह उन्हें हिरासत में नहीं ले सकी।
सीबीआई को मुंबई में ही पूछताछ का आदेश
जांच एजेंसी ने इन तीनों को 10 दिन के लिए हिरासत में सौंपने की मांग करते हुए पूछताछ के लिए इन्हें दिल्ली ले जाने की भी इजाजत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने इन्हें 11 अप्रैल तक ही हिरासत में सौंपा और जांच एजेंसी को मुंबई में ही पूछताछ का निर्देश दिया।