बच्चों की मदद के लिए बनी चाइल्डलाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 पर आने वाली फोन कॉल 40 फीसदी खामोशी की पुकार होती है। ये ऐसी कॉल होती है, जिसमें मदद के लिए सिसकने की ही आवाजें आती हैं, जो उस वक्त अपने साथ हुए शोषण या हिंसा के बारे में बता पाने का साहस नहीं जुटा पाते हैं। 2018 से इस साल सितंबर तक के आंकड़ों के आधार पर यह खुलासा हुआ है।
चाइल्डलाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 पर आने वाली कॉल में आती हैं सिसकने की आवाजें
एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ऐसी मौन कॉल में कोई कुछ बोलता नहीं है। हालांकि, फोन पर दूसरी ओर पीछे की आवाजें आती हैं। चाइल्डलाइन 1098 परेशानी में फंसे बच्चों के लिए 24 घंटे काम करने वाला हेल्पलाइन नंबर है। यह 595 जिलों और 135 रेलवे चाइल्ड हेल्पडेस्क के लिए काम करता है। चाइल्डलाइन की ओर से मुहैया करवाए गए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2018 से लेकर 2020 के सितंबर तक कुल 2.15 करोड़ कॉल आई, जिनमें से 86 लाख मौन कॉल’ थी।
अधिकारी ने कहा, ऐसे ज्यादातर कॉल के मायने यह होते हैं कि कोई वास्तव में मदद चाहता है, मगर उस समय वह बोलने का साहस नहीं जुटा पा रहा, इसलिए हम इस तरह के फोन कॉल काटते नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कई बार फोन करने वाला स्टाफ के सदस्यों की ओर से समझाए जाने पर बात भी करता है।
तीन साल से लगातार घट रही है मौन कॉल
आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन वर्ष में मौन कॉल में लगातार कमी देखने को मिन रही है। वर्ष 2018 में 1.01 करोड़ कॉल आई, जिनमें से 42 लाख या 42 फीसदी कॉल मौन कॉल थे, जबकि 2019 में कुल 69 लाख कॉल आई जिनमें से 27 लाख या 39 फीसदी कॉल इस तरह के थे। साल 2020 में सितंबर तक कुल 43 लाख कॉल आए जिनमें से 16 लाख या 36 फीसदी मौन कॉल थी।