अधिकारियों ने बताया कि आयकर सलाहकार रिटर्न फाइल करते समय बिना उचित दस्तावेजों के आयकर अधिनियम के सेक्शन 80 सीसी और 80 डीडी में दावे कर रहे थे। साथ ही कुछ फर्जी दस्तावेज भी बना रहे थे। सरकारी कर्मचारी इसके लिए पात्र नहीं थे।
आयकर विभाग ने हैदराबाद और विजयवाड़ा में ताजा कार्रवाई में 40 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड घोटाला पकड़ा है। मामले में 8 आयकर सलाहकारों और रेलवे, पुलिस व आयकर विभाग के कई कर्मचारियों की जांच की जा रही है। इन्हें नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। आशंका है कि यह घोटाला कहीं बड़ा हो सकता है।
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विभाग ने बताया कि बुधवार को आईटी जांच शाखा ने हैदराबाद के निजामपेट, एलबी नगर और वनस्थलीपुरम में सर्वे शुरू किया। यह अगले कुछ दिन जारी रह सकता है। इसमें कई कर्मचारियों के नाम सामने आ रहे हैं। सभी के खिलाफ संबंधित थाने में केस दर्ज किया जा रहा है।
ऐसे करते थे घोटाला
अधिकारियों ने बताया कि आयकर सलाहकार रिटर्न फाइल करते समय बिना उचित दस्तावेजों के आयकर अधिनियम के सेक्शन 80 सीसी और 80 डीडी में दावे कर रहे थे। साथ ही कुछ फर्जी दस्तावेज भी बना रहे थे। सरकारी कर्मचारी इसके लिए पात्र नहीं थे। हर कर सलाहकार ने ऐसे 500 से एक हजार तक आयकर रिटर्न फाइल किए थे।
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10 फीसदी कमीशन का लालच देते थे कर्मचारियों को
सूत्रों ने बताया कि यह सलाहकार कर्मचारियों को विभाग द्वारा काटे गए उनके आयकर का रिफंड दिलवाने के नाम पर आकर्षित करते थे, बदले में 10 प्रतिशत कमीशन लेते थे। इस काम के लिए एजेंट भी लगा रखे थे। एक आयकर अधिकारी ने बताया कि कई सरकारी कर्मचारियों को इसमें फर्जीवाड़ा की भी आशंका नहीं थी, वे खुद ही अपने दस्तावेज व जानकारियां एजेंट्स को दे रहे थे। 2017 में भी ऐसे ही एक मामले में 200 लोगों को परिवार के किसी सदस्य को गंभीर बीमारी के फर्जी दस्तावेज बनाकर आयकर में छूट लेने का दोषी पाया गया था।