असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को प्रकाशित करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। एनआरसी प्रकाशित करने के लिए और समय देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा अब डेडलाइन आगे नहीं बढ़ेगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि एनआरसी से बाहर हुए 40 लाख लोगों में से 36.2 लाख ने दावा पेश किया है। जबकि करीब दो लाख ने ड्राफ्ट एनआरसी पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कोर्ट ने दावों पर 15 फरवरी से सुनवाई शुरू करने और दावाकर्ताओं को 15 दिन पहले इसकी जानकारी देने को कहा है।
बृहस्पतिवार को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश आरएफ नरीमन की पीठ ने एनआरसी प्रकाशित करने की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ाने की मांग ठुकरा दी। आम चुनाव के मद्देनजर समय बढ़ाने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा, लोकसभा चुनाव और एनआरसी का काम एक साथ चल सकता है। पीठ ने असम के मुख्य सचिव, चुनाव आयोग के सचिव और असम में एनआरसी के समन्वयक प्रतीक हलेजा को निर्देश दिया कि वे बैठक कर यह सुनिश्चित करें कि चुनाव और एनआरसी के काम के लिए कर्मचारियों की समस्या न हो।
कोर्ट ने असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को निर्देश दिया कि यह बैठक सात दिन में हो और पांच फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर कोर्ट को बताया जाए कि इसमें क्या तय हुआ। गौरतलब है कि गत वर्ष 30 जुलाई को जारी एनआरसी के अंतिम ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ लोगों में से 40 लाख लोग बाहर हो गए थे।