How To Identify Fake Medicines
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राष्ट्रीय औषधि मूल्य नियंत्रण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने तय डोज वाली 33 नई कॉम्बीनेशन दवाओं को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने की घोषणा की है। यह दवाएं रक्तचाप, मधुमेह, बच्चों में बैक्टीरिया संक्रमण के इलाज, कॉलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड कम करने व अन्य सामान्य बीमारियों के इलाज में काम आती हैं। इस फैसले से इन जरूरी दवाओं के मूल्य में कमी आएगी। सोमवार को जारी एक आदेश में एनपीपीए ने इन दवाओं की सूची जारी की। प्राधिकरण ने कहा है कि कंपनियां सरकार की ओर से तय मूल्य से अधिक कीमत पर इन्हें बेच सकती हैं। हालांकि कंपनियों को जीएसटी वसूलने की छूट दी गई है, बशर्ते कंपनियां जीएसटी चुका रही हों।
एनपीपीए ने जिन दवाओं को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने की घोषणा की है, उनमें अधिकांश एक जैसी बीमारियों के इलाज में काम आती हैं लेकिन अलग-अलग कंपनियों की ओर से बनाई जाती हैं।
बीटा ब्लॉकर की एक गोली 10.04 रुपये में
बीटा ब्लॉकर दवा मेटोप्रोलोल सक्सीनेटेड एक्सटेंडेड का इस्तेमाल एंजाइना के दर्द, हार्ट फेल और उच्च रक्तचाप के इलाज में होता है। इसकी एक गोली की कीमत 10.04 रुपये तय की गई है। यही मूल्य सिलनिडीपाइन और टेलमीसर्टन कॉम्बीनेशन का भी तय किया गया है। बच्चों में बैक्टीरियल संक्रमण से निपटने वाली दवा एमोक्सीसिलीन व पोटैशियम क्लैवुलेनेट ओरल सस्पेंशन का मूल्य प्रति मिलीलीटर 4.16 रुपये तय किया गया है।
मधुमेह की दवा 7.89 रुपये में
वयस्कों में टाइप 2 मधुमेह के इलाज में काम आने वाले विल्डाग्लिप्टीन और मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड की एक गोली का मूल्य 7.89 रुपये तय किया गया है। एजेटीमाइब और एटोवेस्टेटिन कॉम्बीनेशन का मूल्य प्रति टेबलेट 23.85 रुपये तय किया है। यह दवा खून में उच्च कोलेस्ट्रोल नियंत्रित करने व ट्राइग्लिसराइड स्तर बनाए रखने में सहायक है।