कांग्रेस से संबंधित छात्र संगठन एनएसयूआई में अध्यक्ष पद को लेकर उठे विवाद पर राहुल ने एनएसयूआई से जुड़े 32 लोगों से बुधवार को उनके विचार जाने। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने एनएसयूआई अध्यक्ष के लिए पर्ची पर तीन-तीन नाम लिखवाकर मांगे। इसके साथ ही उन्होंने 11 उम्मीदवारों का इंटरव्यू भी लिया।
दरअसल एनएसयूआई अध्यक्ष पद पर चयन में एकतरफा और नियम के खिलाफ होने जा रहे फैसले पर संगठन में बगावत के सुर सुनाई दे रहे थे। जिसके बाद राहुल गांधी ने लगभग तय हो चुके मध्य प्रदेश के एक नेता के नाम की घोषणा पर रोक लगा दी थी।
कुछ नेताओं ने खुलकर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। जिस पर राहुल ने मुकुल वासनिक के नेतृत्व में एक जांच टीम का भी गठन किया था लेकिन असंतुष्टों को न्याय की उम्मीद नहीं थी लिहाजा उन्होंने राहुल से अपनी बात कहने का समय मांगा था। असंतुष्ट नेताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से कहा कि सक्रिय नेताओं की अनदेखी कर नियमों की अनदेखी की जा रही है।
गौरतलब है कि एनएसयूआई में संगठनात्मक चुनाव के लिए बाकयदा विज्ञापन निकाला गया था और इंटरव्यू के माध्यम से सात संभावित नामों का पैनल तय हुआ था। इसमें मध्य प्रदेश के नेता का नाम सबसे ऊपर था।
राहुल गांधी के पास पहुंची शिकायत के मुताबिक उक्त नेता एनएसयूआई में कभी नहीं रहे हैं। जबकि विज्ञापन में स्पष्ट था कि संबंधित व्यक्ति का एक साल सक्रिय होना अनिवार्य है।
दरअसल इस नेता को अध्यक्ष बनवाने के लिए मध्य प्रदेश की एक पूर्व सांसद की अहम भूमिका थी। असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि कई वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को इस दौड़ में शुरूआती दौर में ही खारिज किया जा चुका है।