जन धन खातों में जमा राशि में अप्रत्याशित तौर पर वृद्धि देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जन धन खातों में जमा राशि 64,564 करोड़ हो चुकी है, जिसमें नोटबंदी के सात महीनों बाद ही 300 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना, ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना’ (पीएमजेडीवाई) का लक्ष्य औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के तहत अब तक बैंकिंग से ना जुड़ पाए इलाकों को जोड़ना है। पीएमजेडीवाई के तहत आप बैंक खातों को शून्य राशि पर खोल सकते हैं। एक आरटीआई आवेदन से प्राप्त हुए वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल के जून तक पीएमजेडीवाई खातों की संख्या लगभग 28.9 करोड़ थी।
इनमें से 23.27 करोड़ खाते सार्वजनिक बैंकों में थे जबकि 4.7 करोड़ खाते क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में और 92.7 लाख खाते निजी बैंकों में थे। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इन खातों में कुल जमा राशि 64,564 करोड़ रुपये थी। इनमें सार्वजनिक बैंकों में 50,800 करोड़, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 11,683.42 करोड़ और निजी बैंकों में 2,080 करोड़ रुपये की राशि थी।
गौरतलब है कि वित्त राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि 16,2016 को कुल 25.58 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते थे, जिनमें कुल जमा राशि 64,252.15 करोड़ थी। इसका मतलब है कि 16 नवंबर, 2016 से 14 जून, 2017 के दौरान जन धन खातों में कुल 311.93 करोड़ रुपये जमा हुए।