हिंदुस्तानी लोकतंत्र के मौजूदा सवाल को लेकर रविवार को करेली के बी ब्लॉक में आल इंडिया पीपुल्स फोरम द्वारा संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता सीपीआई एम एल के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य रहे।
इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि फासीवाद नाजीवाद का जो चेहरा उभर कर आया हैं। उससे कैसे हमें सामना करना है आज उस तरीके पर सोचने की जरूरत हैं। सांप्रदायिक ताकतें जिस तरह से एकत्र हो रही हैं धर्म,संस्कृति खाने पीने जाति के नाम पर आज ऐसी ताकतों को रोकना बहुत जरूरी हैं।
उन्होंने हिटलर के शासन का उदाहरण आज के परिपेक्ष्य में देते हुए समाज को इससे सचेत रहने को कहा। इस अवसर पर ए आई पी डब्ल्यू की सचिव कविता कृष्णन ने मीडिया के भूमिका को लेकर सवाल उठाया।
गुजरात मे जीएसटी को लेकर हो रहे विरोधी गतिविधियों की कवरेज नहीं होने को उन्होंने मीडिया पर सरकार का नियंत्रण बताया। हाल की घटनाओं पर मीडिया की कवरेज पर भी उन्होंने सवाल उठाया।
इससे पूर्व सयोंजक आरिफ सिद्द्की ने वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह का सेमिनार प्रेरणा देता हैं। यह सेमिनार देश मे एक शशक्त फासीवाद विरोधी आंदोलन को जन्म देगा। इस अवसर पर ओ डी सिंह, फरमान अली, तारिक इम्तियाज, खालिद, केके शुक्ला, वककन भाई,फीरोज,शना,शोयब्,राशिद खा, राशिद सिद्दीकी, वसीम समेत तमाम लोग मौजूद थे।