अंतरिक्ष की दुनिया के इकलौते बेताज बादशाह और दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क को टक्कर देने के लिए भारत के उद्योगपति भी 'अंतरिक्ष के मैदान' में उतर आए हैं। देश के 26 उद्योगपतियों ने अंतरिक्ष की दुनिया और खोजबीन करने के लिए अंतरिक्ष विभाग में आवेदन किया है। चुनी गई कंपनियां अंतरिक्ष विभाग के साथ मिलकर काम करेंगी। जिसमें तकनीकी उपकरणों के डेवलपमेंट के साथ-साथ आकाश की अनंत दुनिया को खोजने के लिए स्पेस सेंटर से इसरो के साथ मिलकर काम करना भी शामिल है।
पिछले साल तय हुआ था कि अंतरिक्ष की दुनिया में अब सरकारी ही नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनियां भी भागीदारी निभाएंगी। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रोत्साहन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन्स्पेस) का गठन किया गया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक देश के 26 प्रमुख उद्योगपतियों ने अपनी कंपनी के लिए इसरो के साथ काम करने की इच्छा जताई है और तय प्रक्रिया से आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में देश की कई जानी-मानी प्रमुख कंपनियां भी शामिल हैं। चयन प्रक्रिया अभी फाइनल दौर में है।
रॉकेट से लेकर उपग्रह कक्षा तक तैयार करेंगी कंपनियां
प्राइवेट कंपनियां इसरो के साथ मिलकर राकेट निर्माण करेंगी। इसके अलावा उपग्रहों की कक्षा समेत स्पेस स्टेशन के निर्माण और तकनीक की तैयारियां भी यही प्राइवेट कंपनियां इसरो के साथ मिलकर करेंगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिस कंपनी का चयन होगा उसके साथ और भी कई तरह की तकनीकियों का आदान प्रदान होगा।