बॉम्बे हाईकोर्ट ने 26/11
मुंबई हमले के प्रमुख
आतंकी जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल के निचली अदालत में ट्रॉयल पर 11 जून तक के लिए रोक लगा दी है। विशेष सत्र न्यायालय की ओर से जुंदाल की यात्रा के दस्तावेज पेश करने के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह स्थगन आदेश दिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नितिन सब्रे की खंडपीठ में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने 11 जून तक मामले में स्थगन आदेश देते हुए तब तक के लिए निचली कोर्ट में ट्रायल पर रोक लगा दी। जब जुंदाल को गिरफ्तार किया गया था तब कहा गया था कि उसके पास से पाकिस्तान का पासपोर्ट और अन्य कागजात जब्त किए गए। पिछले महीने समीक्षा के लिए बचाव पक्ष की ओर से दिल्ली पुलिस से इन कागजातों की मांग की गई था।
निचली अदालत ने दिल्ली पुलिस को इन्हें जुंदाल के वकील अब्दुल वहाब खान को सुपुर्द करने का आदेश दिया। इसी आदेश को दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के वकील हितेन वेनेगावकर ने तर्क दिया कि दस्तावेजों का वर्गीकरण किया गया था। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से इसे साझा नहीं किया जा सकता। वहीं, जुंदाल के वकील युग चौधरी ने कहा कि निचली अदालत के आदेश का पालन नहीं करने से आरोपी के अधिकार को कम किया जा रहा है।
जुंदाल पर आरोप है कि 26/11 मुंबई हमले के दौरान कराची में बने कंट्रोल रूम में बैठकर वह आतंकियों को दिशा निर्देश दे रहा था। भारतीय जांच एंजेंसियों ने उसे सऊदी अरब से गिरफ्तार कर के लाया है। उसे आर्थर रोड जेल की अंडा सेल में रखा गया है।