26/11 मुंबई हमले की आज 9वीं बरसी है और इस बीच अच्छी खबर यह है कि इस हमले को अंजाम देने वाले 10 पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करने वाले जबिउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदल के खिलाफ मार्च से रुकी हुई सुनवाई एक बार फिर से शुरू हो गई है।
अबू जुंदाल को 2012 में गिरफ्तार किया गया था। अजमल कसाब के बाद यही एक मात्र आतंकी है जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ जिंदा लगा था। इस मामले में कसाब को फांसी दी जा चुकी है।
जुंदाल को अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में महाराष्ट्र के बीड़ का निवासी बताया है साथ ही पाक में लश्कर-ए-तैयबा मुंबई हमले की साजिश में शामिल होने के दोषी के तौर पर पेश किया है।
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कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कहा कि जुंदाल पाकिस्तान जाकर वहां आतंकियों को हिंदी सीखा चुका है। साथ ही उसे नरीमन हाउस और होटल ट्राइडेंट में लोगों को बंधक बनाए जाने के दौरान आतंकवादियों के मैसेजों को मीडिया में पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था। जिंदाल को 2012 में सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद गिरफ्तार किया गया।