दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के साथ 'मन की बात' की, पढ़िए उनके संबोधन की प्रमुख बातें..।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह बुराइयों को मिटाने का पर्व है। भारतीय जनजीवन में उत्सव का दूसरा नाम दिवाली है और यह स्वच्छता से जुड़ा है। विदेशों में दिवाली की लोकप्रियता का उदाहरण देते हुए उन्होंने विश्व समुदाय के नेताओं के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया और कहा कि सिंगापुर के सांसदों ने भी दिवाली मनाई।
- उत्साह के साथ दिवाली मनाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश में 365 दिन उत्सव होता है। हमारा हर एक पर्व शिक्षा का संदेश देता है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार दिवाली सेना के जवानों के लिए मनाएं। देश भर में सेना के जवानों के लिए दिया जले। हर दिल में सेना के लिए प्यार है। ये पर्व भारतीय जनजीवन में उत्सव का दूसरा नाम है। जो विश्व समुदाय को भी अंधेरे से उजाले की ओर ले जा रहा है।
- दिवाली के मौके पर देशवासियों की ओर सेना के लिए भेजे गए संदेशों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों ने अपनी कला के जरिए सेना के प्रति अपने अगाध प्यार को जताया है। मेरे नरेंद्र मोदी ऐप में भावनाओं का सागर उमड़ पड़ा है। मेरे देश के जवानों के लिए यह गर्व का पल है। मेरे पास संदेश के रूप में इतनी चीजें आई हैं कि मैं क्या-क्या बताऊं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अश्विनी कुमार चौहान के संदेश को पढ़कर सेना के प्रति देशवासियों के प्यार को जाहिर किया।
ITBP के जवान ने शौचालय बनवाने के लिए दिया पैसा
फाइल फोटो
- खुले में शौच की समस्या पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम के बाद हिमाचल भी खुले में शौच से मुक्त हो गया हैं। एक वाकये का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'आईटीबीपी का हमारा एक जवान विकास ठाकुर, जो हिमाचल के बधाना गांव से हैं, उन्होंने सिर्फ दुश्मनों पर गोलियां नहीं चलाई बल्कि गांव में शौचालय बनवाने के लिए भी पैसा दिया।
- उन्होंने कहा कि ठाकुर ने अपनी जेब से 57 हजार रुपया दिया। ये बताता है कि हिमाचल को खुले शौच से मुक्ति कैसे मिली। इन नौजवानों का उत्साह ही प्रमुख है। प्रधानमंत्री ने केरल के नौजवानों के प्रयासों की भी सराहना की, जो आगामी कुछ दिनों में खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा और गुजरात में भी हो रहे प्रयासों की सराहना की।
- पीएम ने हरियाणा को केरोसिन मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्र निर्माण में महात्मा गांधी की परिकल्पनाओं पर आगे बढ़ने की जरूरत है। 21वीं सदी में गांव अंधेरे में नहीं रह सकते। हर गरीब की जरूरत के हिसाब से योजनाएं बननी चाहिए।
इंदिरा की मौत के बाद सरदारों का कत्ल दुर्भाग्यपूर्ण
फाइल फोटोः गांधी के साथ सरदार पटेल
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिवस का जिक्र किया और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी स्मरण किया। पीएम ने पंजाब के जसजीत का मैसेज सुनवाया, जिसमें उन्होंने पटेल को लेकर बात की थी। जसमीत का सवाल था कि श्रीमती गांधी की हत्या के बाद जिस तरह की घटनाएं हुई, ऐसी घटनाओं को कैसे रोके?
- उन्होंने कहा कि पटेल ने एकता के लिए काम किया और इसके लिए उन्होंने लोगों की नाराजगी झेली। सरदार साहब ने आजीवन एकता के लिए काम किया और श्रीमती गांधी की हत्या के बाद हजारों सरदारों को मौत के घाट उतार दिया गया। ये दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमूल का उदाहरण रखते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल के दृष्टिकोण को सामने रखा है और उन्हें अंजलि अर्पित की।
- इसके अलावा कार्तिक पूर्णिमा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नानकदेव ने जाति और छुआछुत के खिलाफ काम किया और समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। भेदभाव के खिलाफ हमें गुरुनानक देव के आदर्शों को लेकर आगे बढ़ना होगा।