केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने संरक्षण और देखभाल के कारण साल 2022 तक देश में बाघों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद व्यक्त की है। अभी दुनिया के 70 फीसदी बाघ भारत में ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ताजा आकलन के मुताबिक देश के कुल प्रमुख 17 राज्यों में मौजूद 49 अभ्यारण्यों में 2226 बाघ मौजूद हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर शुक्रवार को वॉक फॉर टाइगर अभियान की शुरुआत कर दवे ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बाघ ही स्वस्थ पर्यावरण का प्रतीक है। ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को बाघों के प्रति जागरूक करें।
दवे ने कहा कि हाल ही में सेंट पीटर्सबर्ग में दुनिया के टाइगर रेंज देशों ने यह तय किया था कि अगले छह वर्षों में बाघों की संख्या को दोगुना किया जाएगा। साथ ही वन्य जीव संरक्षण को लेकर भी लक्ष्य तय किया गया था।
लिहाजा बाघों के मामले में भारत टाइगर रेंज के प्रमुख 13 देशों में शीर्ष पर है। हालांकि, दुनिया के कई देशों में अब भी बाघों की लुप्त होती संख्या पर चिंता जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत, नेपाल, भूटान और रूस में यदि बाघों की संख्या को बढ़ाया जाता है तो इससे काफी फायदा भी होगा।
दवे ने विदेशी पर्यटकों से भी अपील कर कहा कि वे भारत आएं और भारतीय बाघों का दर्शन करें। उन्होंने टाइगर रेंज के कई देशों में लुप्त हो चुके बाघों को लेकर भी चिंता जाहिर की।