Pulwama Attack: कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि "सीआरपीएफ कर्मियों को विमान देने से इनकार क्यों किया गया? उन्हें एयरलिफ्ट क्यों नहीं किया गया? जैश की धमकियों को नजरअंदाज क्यों किया गया? दो जनवरी से 13 फरवरी 2019 के बीच आतंकी हमले की चेतावनी देने वाली 11 खुफिया सूचनाओं को नजरअंदाज क्यों किया गया?"
कांग्रेस ने 2019 की पुलवामा घटना की जांच के नतीजों पर शनिवार को केंद्र से जवाब मांगा और पूछा कि आतंकी हमले की धमकी के बावजूद सीआरपीएफ कर्मियों को विमान देने से इनकार क्यों किया गया और उन्हें सड़क मार्ग से आने-जाने के लिए क्यों मजबूर किया गया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपानीत केंद्र सरकार पर 'न्यूनतम शासन और अधिकतम चुप्पी Minimum Governance and Maximum Silence)' का आरोप लगाया और जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से किए गए कथित खुलासों पर जवाब मांगा।
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कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाना जारी रखेगीः जयराम रमेश
उन्होंने कहा, 'सरकार न्यूनतम शासन और अधिकतम चुप्पी के सिद्धांत पर विश्वास करती है।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाना जारी रखेगी। पार्टी नेताओं पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने लोकतंत्र के प्रतीक के रूप में इमारतें बनवाई हैं लेकिन लोकतंत्र गायब है। उन्होंने कहा, 'विश्वगुरु ने लोकतंत्र का एक नया मॉडल बनाया है, जहां लोकतंत्र के प्रतीक और इमारतें हैं, लेकिन लोकतंत्र की मिट्टी अब गायब है।
कांग्रेस नेता बोले लोकतंत्र के प्रतीक और इमारतें तो हैं पर लोकतंत्र की मिट्टी गायब है
श्रीनेत ने पूछा, "सीआरपीएफ कर्मियों को विमान देने से इनकार क्यों किया गया? उन्हें एयरलिफ्ट क्यों नहीं किया गया? जैश की धमकियों को नजरअंदाज क्यों किया गया? दो जनवरी से 13 फरवरी 2019 के बीच आतंकी हमले की चेतावनी देने वाली 11 खुफिया सूचनाओं को नजरअंदाज क्यों किया गया?" उन्होंने कहा, "चार साल से अधिक समय के बाद पुलवामा आतंकी हमले की जांच कहां तक पहुंची है? उन्होंने पूछा एनएसए अजीत डोभाल और तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह की जवाबदेही कहां, कब, कैसे और कौन तय करेगा?"