फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साल 2006 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले में छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

Mon, 06 Jun 2016 08:07 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
Malegaon blast - फोटो : PTI
विज्ञापन
विशेष एनआईए अदालत ने सोमवार (6 जून) को 2006 मालेगांव ब्लास्ट मामले के चार आरोपियों की जमानत याजिका खारिज कर दी। जज वी. वी. पाटिल ने जिन लोगों की याचिका खारिज है, उनके नाम- जागीर सिह, राजेंद्र चौधरी, धन सिंह और लोकेश शर्मा हैं। 
विज्ञापन


अप्रैल में कोर्ट ने आठ मुस्लिम आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसके बाद इन चारों ने जमानत के लिए आग्रह किया था। याचिका में आरोपियों ने कोर्ट से कहा था कि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा था कि एनआईए ने जो भी सामान आरोपियों के पास से बरामद करने का दावा किया है, वह बाजार में आसानी से मिल जाता है।  

दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि हमारे पास पर्याप्त सबूत नहीं है, लेकिन आरोपियों पर लगे आरोप प्राकृतिक रूप से बहुत गंभीर है और मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
विज्ञापन


मालेगांव ब्लास्ट बड़ा कब्रस्तान के पास हमीदिया मस्जिद के बाहर हुआ था। धमाके में 37 लोग मारे गए थे। इस मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते ने शुरुआती जांच में ही आठ मुस्लिम छात्रों को प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी ) के साथ कथित संबंधों के आधार पर गिरफ्तार किया था। बाद में सीबीआई ने भी इस दावे को सही ठहराया था। 

संत आसीमानंद के कबूलनामे के बाद इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। असीमानंद ने कबूला था कि इस धमाके के पीछे हिंदू दक्षिणपंथी समूहों का से हाथ था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें