सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख दंगों की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इन बार केवल दो ही लोगों को इसका सदस्य बनाया गया है। एसआईटी की ये टीम दंगों के 186 बंद मामलों को खोल उनकी जांच करेगी। उन मामलों को खोलने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट दस माह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी। बता दें याचिका दायर कर इस मामले में एसआईटी के गठन की मांग की गई थी।
22 साल पुरानी अपील पर सुनवाई
हाल ही में पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में दंगे को लेकर ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ 22 साल पहले अपील की गई थी। जिसपर बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में फैसला सुनाया गया। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की तरफ से दोषी करार दिए गए सभी 88 दोषियों की सजा के फैसले को बरकरार रखा। साथ ही सभी को सरेंडर करने को कहा।
पांच साल की सजा सुनाई
ट्रायल कोर्ट ने दोषियों को दंगे, घरों में आग लगाने, कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए साल 1996 में पांच साल की सुनाई थी। इस मामले में 95 शव बरामद हुए थे। बावजूद इसके किसी भी दोषी पर हत्या की धाराओं में आरोप तय नहीं हुए।