केरल के मलप्पुरम में एक 18 वर्षीय लड़की की हाल ही में निपाह वायरस से मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने शनिवार को बताया कि लड़की चेट्टियारंगडी की रहने वाली थी। उसने कोझिकोड जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई। बाद में पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने नमूनों की जांच की और संक्रमण की पुष्टि की।
पलक्कड़ में सामने आया नया मामला
इसके अलावा, पलक्कड़ जिले के थाचनट्टुकारा में एक 38 वर्षीय महिला भी निपाह वायरस से संक्रमित पाई गई है। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
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65 टीमों ने 1655 घरों का सर्वेक्षण किया, नहीं मिले लक्षण
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जिले में निपाह के मामले सामने आने के बाद, मलप्पुरम में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मक्कारापरम्बा, कुरुवा, कूटिलंगडी और मनकाडा जैसी पंचायतों के 20 वार्डों में निगरानी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य बीमारी के स्रोत की पहचान करना और घर-घर में जागरूकता को मजबूत करना है। बयान में कहा गया है कि कुल 65 टीमों ने 1,655 घरों का दौरा किया और सर्वेक्षण के दौरान किसी में भी निपाह के लक्षण नहीं पाए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने तिरुवनंतपुरम में की उच्च स्तरीय बैठक
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने स्थिति की समीक्षा के लिए तिरुवनंतपुरम में एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने बताया कि निपाह के संपर्क में आए 425 लोग सूची में हैं, जिनमें मलप्पुरम में 228, पलक्कड़ में 110 और कोझिकोड में 87 लोग शामिल हैं। उनमें से पांच लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती हैं। संपर्क सूची में शामिल एक अन्य व्यक्ति का परीक्षण परिणाम संक्रमण के लिए नकारात्मक आया है।
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निपाह से निपटने के लिए केरल में टीम तैनात करेगा केंद्र
इस बीच, केरल में निपाह वायरस के दो मामले मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय वहां राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजेओआरटी) को तैनात करने पर विचार कर रहा है। यह दल सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लागू करने में केरल सरकार की मदद करेगा। सूत्रों ने बताया कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) की केंद्रीय निगरानी इकाई- एनसीडीसी, प्रदेश इकाई के साथ संपर्क में है और स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है।
राज्य नियंत्रण कक्ष को किया गया सक्रिय
विभिन्न नियंत्रण गतिविधियों के समन्वय के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया निगरानी, निदान, उपचार, रोकथाम और नियंत्रण के लिए केरल राज्य NiVD दिशानिर्देशों द्वारा निर्देशित है। एक सूत्र ने कहा, प्रथम दृष्टया दोनों मामले महामारी विज्ञान की दृष्टि से एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं, लेकिन उनके लक्षणों और सामाजिक संपर्कों की जांच की जा रही है।
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