सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सहारा ग्रुप में फंसे निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए मुड़िया अहमद नगर में सहारा समूह की 176 एकड़ जमीन की नीलामी की जाएगी। सेबी की सूची में शामिल यह जमीन सहारा सिटी बसाने के लिए करीब 14 साल पहले 112 किसानों से खरीदी गई थी। इस जमीन के बारे में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के माध्यम से जानकारी मांगी गई है।
इसके बाद नए सर्किल रेट के हिसाब से इसका आंकलन किया जा रहा है। सहारा के अधिकारी भी रजिस्ट्री ऑफिस तथा तहसील से प्लॉट वार सर्किल रेट के आधार पर ब्योरा तैयार कर रहे हैं। दो माह पहले मुंबई स्थित ईडी कार्यालय के सहायक निदेशक ने 112 में से बरेली में सहारा की संपत्ति की 89 रजिस्ट्री का ब्योरा मांगा था। जिसमें उन दिनों खरीदी गई जमीन की कीमत करीब 80 करोड़ बताई गई थी।
पिछले सप्ताह फिर से ईडी की ओर से एक और पत्र भेजकर सभी बैनामों में शामिल जमीन की मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से कीमत पूछी गई है। इस निर्देश के बाद रजिस्ट्री ऑफिस और तहसील के लेखपाल खेतों के प्लाट वार ब्यौरा तैयार करने में लग गए हैं। इस ब्यौरे में नए सर्किल रेट के हिसाब से ही कीमत भी दर्ज की जाएगी। मौजूदा समय में इस जमीन का रेट औसतन डेढ़ से दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ बताया जा रहा है।
सहारा समूह ने वर्ष 2000 से लेकर 2002 के बीच बरेली के मुड़िया अहमदनगर और आसपास के गांवों की यह 176 एकड़ जमीन खरीदी थी। सहारा सिटी बसाने के लिए प्रस्तावित साइट पर शिलान्यास भी हुआ था लेकिन कुछ समय के बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ गया। तैयार मकान और प्लाट के लिए काफी लोगों ने इस बीच रजिस्ट्रेशन भी कराए थे। मगर शिलान्यास के बाद कोई प्रगति न होने से ऐसे लोग अब निराश हैं।
‘मुड़िया अहमद नगर तथा आसपास के गांवों की भूमि से जुड़ी के बारे में नवीनतम जानकारी मांगी गई हैं। इसे तैयार करके जल्दी ही भेज दिया जाएगा।’ -बृजेश कुमार, सब रजिस्ट्रार (प्रथम)