भारत सरकार ने इक्वेटोरियल गिनी और नाइजीरिया में अपने मिशनों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। नाइजीरियाई सरकार के हस्तक्षेप के बाद चालक दल के सदस्यों को जेल की बजाय जहाज पर रहने की अनुमति के साथ नियमित भोजन का प्रबंध किया गया था।
तेल तस्करी के आरोप में बंदी बनाए तेल टैंकर एमटी हीरोइक इदुन के 16 चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित भारत वापसी हो गई। उनकी रिहाई के लिए भारतीय मिशन लगातार प्रयास कर रहा था। उन्हें अगस्त 2022 में इक्वेटोरियल गिनी और नाइजीरिया में हिरासत में लिया गया था। ये नाविक रविवार को केरल के कोच्चि हवाई अड्डे पर पहुंचे।
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सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने इक्वेटोरियल गिनी और नाइजीरिया में अपने मिशनों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। नाइजीरियाई सरकार के हस्तक्षेप के बाद चालक दल के सदस्यों को जेल की बजाय जहाज पर रहने की अनुमति के साथ नियमित भोजन का प्रबंध किया गया था। उन्हें समय-समय पर अपने परिवारों के साथ संपर्क करने की अनुमति भी दी गई थी। भारतीय मिशन के अधिकारी उनके साथ नियमित संपर्क में रहे और उन्हें कांसुलर एक्सेस भी दिया गया।
शौचालय का पानी तक पीना पड़ा
वापस लौटे नाविकों ने कहा, उन्हें कैद में बहुत अधिक कष्ट उठाने पड़े। उनमें से कई मलेरिया बुखार से ग्रस्त हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। एक ने कहा, मैंने उम्मीद खो दी थी। उन्हें परिवार और दोस्तों को फिर से देखने की उम्मीद नहीं थी। कई बार उन्हें शौचालय तक का पानी पड़ा।
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केंद्र सरकार का धन्यवाद
भारत लौटने एक नाविक सानू जोस ने केरल पहुंचने पर केंद्र और राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मैं अब अपने बच्चों के साथ घर पर हूं। इस बात को लेकर बहुत अनिश्चितता थी कि हमारे जीवन का क्या होगा। हमें बताया गया था कि नाइजीरिया से वापस जिंदा लौटना असंभव है।
भारतीय पासपोर्ट के रुतबे ने निभाई अहम भूमिका
एक अन्य नाविक वी विजित ने कहा, सभी नाविकों को रिहा कराने के लिए केंद्र सरकार ने जबरदस्त प्रयास किया। यह हमारे लिए एक कठिन अनुभव था। उन्होंने हमें सुरक्षित घर पहुंचाने में बहुत मदद की। हमारे पासपोर्ट के रुतबे ने हमारी रिहाई में बहुत बड़ी भूमिका निभाई।