उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में बीते तीन दिन में आई तेज बारिश और तूफान के चलते 15 लोगों की मौत हो गई है। औपचारिक आंकड़ों के अनुसार 15 लोगों के अलावा 23 जानवरों की भी मौत हो गई है और 133 इमारतों को नुकसान पहुंचा है। यहां 9 से 12 जुलाई के बीच आई बारिश के कारण ऐसा हो रहा है।
बिहार में बाढ़ के कारण जीवन अस्तव्यस्त हो चुका है। उत्तर बिहार की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां शुक्रवार को भी लगातार पांचवें दिन भारी बारिश हुई है। नदियों के उफान के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है। बारिश के कारण घरों के गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा बाढ़ के पानी से कई पुलिया भी ध्वस्त हो गई हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है।
पूर्वोत्तर के राज्य भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है। सबसे अधिक छह लोगों की मौत असम में हुई है। असम में आई बाढ़ के कारण 21 जिले और साढ़े आठ लाख लोग प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को लगाया गया है।
जो लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। पानी भर जाने के कारण लंबडिंग-बदरपुर रेल मार्ग से यातायात को रोक दिया गया है। बारिश के कारण हुई घटनाओं से मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भी दो-दो लोगों की मौत हो गई है।
हिमाचल में बारिश के कारण छह सड़कें बंद पड़ी हैं। जिसमें शिमला में पांच सड़क और एक कांगड़ा जोन में है। शिमला के सोलन सर्कल में एक, नाहन में तीन और कांगड़ा के डलहौजी में एक सड़क बंद पड़ी है। शिमला, सोलन, मंडी और कांगड़ा में शुक्रवार को बारिश हुई। जिससे यहां के तापमान में कुछ गिरावट आई है।
राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। बारिश ना होने के कारण अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिन भी बारिश ना होने के आसार हैं। इससे गर्मी और बढ़ेगी। हालांकि बारिश 16 से 19 जुलाई के बीच हो सकती है।