West Bengal: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनावों से पहले 14,000 नए मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं, जिससे कुल संख्या 92,000 तक पहुंच सकती है। चुनाव आयोग ने इस पर चर्चा के लिए 29 अगस्त को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है।
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले करीब 14 हजार नए मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं। चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के पुनर्गठन पर चर्चा के लिए 29 अगस्त को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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राज्य में वर्तमान में 294 विधानसभा क्षेत्रों में करीब 78 हजार मतदान केंद्र हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, जिन मतदान केंद्रों में 1,200 से अधिक मतदाता हैं, उन्हें मतदान की सुविधा के लिए बांटा जाएगा।
सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि 1,200 से अधिक मतदाताओं वाले केंद्रों की पहचान कर ली गई है। इन्हें विभाजित किया जाएगा, ताकि मतदान सुचारू रूप से हो सके। मतदान केंद्रों की संख्या करीब 14,00 बढ़ सकती है। हम सभी दलों की बैठक में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन पर चर्चा करेंगे। नए मतदान केंद्रों के जुड़ने के बाद कुल संख्या करीब 92 हजार हो जाएगी। 29 अगस्त को दोपहर साढ़े तीन बजे सीईओ कार्यालय में होने वाली इस बैठक सभी राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया मांगी जाएगी।
माना जा रहा है कि मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने से खासकर विपक्षी दलों के लिए संगठनात्मक चुनौतियां बढ़ जाएंगी, क्योंकि उन्हें हर मतदान केंद्र पर एजेंट तैनात करना मुश्किल हो सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संसोधन में कथित लापरवाहियों के चलते चार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
राज्य सरकार ने दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर जिलों के दो-दो ईआरओ और सहायक ईआरओ को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। हालांकि चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।