महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट आने के बाद प्रशासन ने स्कूल खोलने का फैसला किया। हालांकि स्कूल तो खुल गए लेकिन क्षेत्र के सैकड़ों सरकारी स्कूलों में बिजली की आपूर्ति नहीं है।
महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को कहा कि बकाया बिजली बिलों के लिए 1,254 स्कूलों की बिजली आपूर्ति काट दी गई है। उन्होंने बताया आठ जिलों के 5,279 जिला परिषद स्कूलों पर एमएसईडीसीएल का 9.82 करोड़ रुपये बकाया है।
सबसे अधिक औरंगाबाद जिले के स्कूलों पर बकाया
आगे उन्होंने बताया कि विभाग ने जिन स्कूलों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है, उन्हें 3.47 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। जिन स्कूलों में बिजली की आपूर्ति नहीं है, उनमें सबसे अधिक संख्या औरंगाबाद जिले (238) के हैं। उन स्कूलों को सामूहिक रूप से एमएसईडीसीएल का 28.91 लाख रुपये बकाया बिल जमा करना होगा।
औरंगाबाद में शिक्षा विस्तार अधिकारी रमेश ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद ने ग्राम पंचायतों को पत्र जारी कर बिजली बिलों का भुगतान करने कोॉ कहा है। एमएसईडीसीएल औरंगाबाद क्षेत्र के संयुक्त प्रबंध निदेशक मंगेश गोंडावले ने कहा कि जब मैं औरंगाबाद में जिला परिषद का सीईओ था, तब हमारे पास सरकार से सीमित धन था और तब महामारी से निपटना प्राथमिकता थी।
एकलाहारा के एक शिक्षक प्रतापसिंह जारवाल ने कहा कि हमारा स्कूल पिछले छह महीनों से अंधेरे में है। यह पढ़ाने में भी बाधा डालता है। एमएसईडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, जालना जिले में बिना बिजली के 171 स्कूल हैं, बीड में ऐसे 152 स्कूल, लातूर में 199, उस्मानाबाद में 134, हिंगोली 75, नांदेड़-175 और परभणी 110 हैं।