अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर भारत से इराक जाने वाले तीर्थयात्रियों पर भी पड़ा है। सुरक्षा का हवाला देते हुए मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 110 तीर्थयात्रियों को मुंबई से इराक जाने वाले विमान में सवार होने से रोक दिया गया। इन सभी तीर्थयात्रियों का संबंध दाऊदी बोहरा समुदाय से है।
यह सभी इराक स्थित पवित्र स्थल जा रहे थे। इन्हें इराकी एयरवेज की फ्लाइट से नजफ जाना था लेकिन उन्हें हवाई अड्डे पर ही इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक दिया। हालांकि उनमें से पांच का इमिग्रेशन चेक भी क्लियर हो गया था और बाकी बोर्डिंग पास लेकर इमिग्रेशन क्लियरेंस के लिए जा रहे थे।
जिन लोगों ने इमिग्रेशन क्लियर कर लिया था उन्हें बोर्डिंग गेट से वापस लाया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने एयरलाइन को आधी रात के बाद बोर्डिंग पास जारी करने से रोक दिया क्योंकि उन्हें निर्देश मिले थे कि इराक की यात्रा करना भारतीयों के लिए सुरक्षित नहीं है।
आठ जनवरी को विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि उसने इराक जाने वाले यात्रियों के लिए आव्रजन मंजूरी को निलंबित कर दिया है। सर्कुलर में लिखा है, इराक जाने वाले ईसीआर (आवश्यक आव्रजन मंजूरी) और ईसीएनआर (आव्रजन मंजूरी की आवश्यकता नहीं) दोनों के लिए आव्रजन मंजूरी अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है।
विमानन नियामक डीजीसीए ने मध्य पूर्व में बढ़े तनाव को देखते हुए सभी भारतीय एयरलाइंस को इराक, ईरान और फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से बचने की सलाह दी थी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, विशेष शाखा 2 की सुप्रिया पाटिल-यादव ने कहा, 'गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार इराक की यात्रा करना असुरक्षित है। हमें विमान में सवार होने से यात्रियों को रोकना पड़ा। भारतीय की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।'
इससे पहले गृह मंत्रालय के नोटिस जारी करने के एक दिन बाद गुरुवार को अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने इराक जाने वाले यात्रियों को रोक दिया था। वहीं यात्रियों को फोन करके जानकारी दे दी गई थी जिससे की वह हवाई अड्डे नहीं पहुंचे। वहीं मुंबई में यात्रियों को सुबह चार बजे तक अपने चेक-इन लगेज का इंतजार करना पड़ा।