अमृतसर में हुए हार्ट ऑफ एशिया कार्यक्रम में जहां भारत, पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की सुर्खियों से बचने की कोशिश करते हुए दिखा लेकिन इस कार्यक्रम की दो तस्वीरों ने भारत-पाक रिश्तों को लेकर कयासों का नया दौर शुरू कर दिया है।
पहली तस्वीर में पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज भारत के पीएम से हाथ मिलाते हुए नजर आए तो वहीं चर्चा की वजह बनी दूसरी तस्वीर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सरताज अजीज की है।
इस दूसरी तस्वीर में अजीत डोभाल और सरताज अजीज बातचीत की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव के वक्त कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई है।
100 फुट तक साथ-साथ टहलते दिखे दोनों
पाकिस्तानी मीडिया जहां मुलाकात का दावा कर रहा है, वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने किसी भी तरह की मुलाकात से इनकार किया है। सूत्रों की मानें तो पांच देशों के विदेश मंत्रियों को दी गई दावत के दौरान अजीत डोभाल और सरताज अजीज करीब 100 फुट तक साथ-साथ टहलते हुए साडा पिंड पहुंचे, जहां दावत का आयोजन किया गया था।
पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि इस दौरान उनके बीच बातचीत भी हुई। हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि उनके बीच कोई बातचीत नहीं हुई। इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तानी उच्चायोग अब्दुल बासित ने कहा था कि भारत यदि चाहे तो पाकिस्तान उसके साथ बिना शर्त वार्ता बहाली का इच्छुक है।
वहीं भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद जारी रहेगा, पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता संभव नहीं हो सकती। सरकारी सूत्रों का दावा है कि सरताज और डोभाल के बीच कोई बैठक नहीं हुई। सम्मेलन में आने के क्रम में साथ—साथ चलते हुए दोनों के बीच महज अनौपचारिक बातचीत हुई।
ठीक उसी तरह जैसे प्रधानमंत्री ने डिनर के दौरान सरताज से हाथ मिलाते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का हाल पूछा था। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि इस डिनर के बाद दोनों नेताओं की देर रात सम्मेलन के इतर बैठक हुई है।
मोदी और अजीज की तस्वीर भी बनी चर्चा की वजह
sartaj aziz
इसके अलावा दूसरी तस्वीर उस वक्त की है जब अजीज भारत पहुंचने के करीब एक घंटे बाद पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए रात्रि भोज में शामिल हुए। इस दौरान अजीज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दूसरे का अभिवादन किया। दोनों ने हाथ मिलाया, लेकिन उनके बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
रात्रि भोज में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी समेत करीब 30 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान को संकट के दौर से बाहर निकालने की सभी देशों की सम्मिलित जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के अच्छे नतीजे निकलेंगे।
भारत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि 'लगातार आतंकवाद' के माहौल में वार्ता नहीं हो सकती। भारत दो दिवसीय सम्मेलन में पाकिस्तान को राजनयिक रूप से घेरने और राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास करेगा।